नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार हुआ यौन शोषण और धर्मांतरण का आरोपी डॉ. रमीज

लखनऊ स्थित केजीएमयू की महिला रेजीडेंट के यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास के मामले में आरोपी डॉ. रमीज को शुक्रवार को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी एफआईआर दर्ज होने के बाद नेपाल में छिपकर रह रहा था। गिरफ्तार करने के बाद उसे बलरामपुर अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और फिर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि रमीज गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाना बदल रहा था। इंटेलिजेंस की सूचना पर नेपाल बॉर्डर पर पुलिस टीम सक्रिय थी और जैसे ही आरोपी बॉर्डर पार करने आया, उसे दबोच लिया गया।
मोबाइल में मिले महत्वपूर्ण साक्ष्य
गिरफ्तारी के समय पुलिस ने आरोपी का मोबाइल भी बरामद किया। जांच में उसमें कई अहम साक्ष्य मिले हैं, हालांकि आरोपी अधिकांश सवालों पर चुप रहा। शुरुआती जांच में पता चला कि उसने कई चैट्स डिलीट कर दी हैं। मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि डिलीट किए गए साक्ष्यों को रिकवर कर उनसे पूछताछ की जा सके।
इनाम और कुर्की के आदेश
रमीज के खिलाफ 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसके उत्तराखंड के उधम नगर और खटिमा स्थित आवास तथा पीलीभीत के न्येरिया इलाके के मकान पर कुर्की के नोटिस चस्पा किए थे।
अपराध की पूछताछ में आरोपी का दावा
पुलिस पूछताछ में रमीज ने खुद को बेगुनाह बताया। उसने अपने प्रेम संबंध की बात स्वीकार की और कहा कि उसके माता-पिता की गिरफ्तारी गलत है। आरोपी ने न्यायपालिका पर भरोसा जताया और कहा कि सभी तथ्य सामने आएंगे।
पुलिस का दावा
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी अपने किराए के कमरे से सामान लेने आया था और कोर्ट में सरेंडर करने वाला था। सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
इससे पहले पुलिस ने रमीज के माता-पिता, सलीमुद्दीन और खतीजा को गिरफ्तार किया था। दोनों पर धर्मांतरण कराने का आरोप है। पुलिस अब मामले में जुड़े अन्य लोगों और काजी की तलाश में है, ताकि पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके।
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