बलिया में तेज हुआ सरयू नदी का कटान, कई गांवों पर मंडराया खतरा; मकान और स्कूल नदी में समाए

HIGHLIGHTS
- बलिया के सुरेमनपुर दियराचंल में सरयू नदी का कटान तेज, गोपाल नगर टाड़ी में एक मकान और प्राथमिक विद्यालय का हिस्सा नदी में समाया।
- कटान से कई परिवारों के मकानों पर खतरा मंडरा रहा है, वहीं बड़ी मात्रा में कृषि भूमि नदी में विलीन हो रही है।
- प्रशासन ने राहत शिविर बनाए, एसडीएम ने कटान रोकने के लिए बड़ी परियोजना का प्रस्ताव शासन को भेजने की बात कही।
बलिया। सुरेमनपुर दियराचंल के गोपाल नगर टाड़ी में शनिवार को सरयू नदी का कटान अचानक तेज हो गया। कुछ ही समय में गोपाल नगर टाड़ी निवासी मंतोष यादव का मकान नदी में समा गया। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय गोपाल नगर टाड़ी का आधा भवन भी कटान की चपेट में आकर सरयू नदी में विलीन हो गया। इस विद्यालय में 180 बच्चे पंजीकृत थे, जिन्हें अब जूनियर हाईस्कूल गोपाल नगर में स्थानांतरित कर दिया गया है।
कटान के कारण रामनाथ, निवास लाल यादव, मुसाफिर यादव, रामनाथ यादव और जवाहर यादव समेत करीब आधा दर्जन परिवारों के मकान नदी के किनारे पहुंच गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कटान पर जल्द रोक नहीं लगी तो ये मकान भी कभी भी नदी में समा सकते हैं।
सुरेमनपुर दियराचंल में बढ़ा कटान का खतरा
सरयू नदी के लगातार बढ़ते कटान से सुरेमनपुर दियराचंल के नौका गांव (झरकटह), धूपनाथ के डेरा, वशिष्ठ नगर, गोपाल नगर, गोपाल नगर टाड़ी और सिवाल मठिया समेत कई गांवों पर खतरा बढ़ गया है। वहीं अधसिझुआ, चाई छपरा, गुमानी के डेरा, बकुलहा और टोला फते राय के आसपास की उपजाऊ कृषि भूमि भी लगातार नदी में समाहित हो रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 15 किलोमीटर लंबे दियराचंल क्षेत्र में हर दिन लगभग 100 एकड़ कृषि भूमि सरयू नदी में कट रही है। लगातार हो रहे कटान से किसान भूमिहीन होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से कटान रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले समय में सुरेमनपुर दियराचंल के कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है और सरयू नदी फिर से वर्ष 1952-53 की तरह पुराने सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन के पास बहने लग सकती है।
सुरेमनपुर दियराचंल की स्थिति गंभीर : एसडीएम
उप जिलाधिकारी बैरिया शशि भूषण मिश्रा ने बताया कि सुरेमनपुर दियराचंल के गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर, सिवाल मठिया और गोपाल नगर टाड़ी में लगातार कटान जारी है। उन्होंने कहा कि कटान को रोकने के लिए बड़ी परियोजना की जरूरत है, जिसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कटान प्रभावित परिवारों के लिए दो राहत शिविर बनाए गए हैं। पहला शिविर पुराने सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन के पास बालक बाबा की मठिया पर और दूसरा गोपाल नगर पुलिस चौकी के पास स्थापित किया गया है। एसडीएम ने कहा कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन और सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.