वाशिंगटन में बर्ड फ्लू से पहली मौत, H5N5 स्ट्रेन पर वैज्ञानिक अध्ययन जारी

वाशिंगटन। अमेरिका के कई प्रांतों में बर्ड फ्लू का प्रकोप फिर से देखने को मिल रहा है। हाल ही में वाशिंगटन में इस वायरस के एक दुर्लभ स्ट्रेन H5N5 के कारण पहली मौत दर्ज की गई है। मृतक व्यक्ति की उम्र अधिक थी और वह पहले से ही कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था। अधिकारियों के अनुसार, व्यक्ति पोल्ट्री के संपर्क में था और यहीं से संक्रमित होने की संभावना है।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इससे लोगों के लिए व्यापक खतरा नहीं है। मृतक के करीबी संपर्क में आए सभी व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है और अब तक वायरस के फैलने का कोई संकेत नहीं मिला है। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने भी बताया है कि नए स्ट्रेन्स इंसानों के लिए अधिक खतरनाक नहीं हैं।
मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, H5N5 स्ट्रेन को अब तक अमेरिका में पाए जाने वाले H5N1 स्ट्रेन से ज्यादा खतरनाक नहीं माना गया है। 2024-25 के दौरान H5N1 से अमेरिका में 70 लोगों में संक्रमण के मामले सामने आए थे, जिनमें अधिकांश पोल्ट्री और डेयरी फार्म के कर्मचारी थे। H5N5 और H5N1 में केवल एक प्रोटीन का अंतर पाया गया है, जो वायरस के सेल से निकलने और आसपास फैलने में भूमिका निभाता है।
इस बीच, अमेरिकी कृषि विभाग ने फरवरी 2025 में नेवादा स्टेट में नए प्रकार के बर्ड फ्लू D1.1 के मामले भी दर्ज किए थे। प्रारंभिक अध्ययन में इसे संभावित महामारी का कारण बनने वाला बताया गया।
पिछले कुछ वर्षों में बर्ड फ्लू का संक्रमण सिर्फ पक्षियों तक सीमित नहीं रहा। इंसानों, गायों और फरवरी 2025 में पहली बार चूहों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। अमेरिकी कृषि विभाग के अनुसार, चूहों में संक्रमण का खतरा बढ़ने से इंसानों के संक्रमित होने की संभावना भी बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बर्ड फ्लू के नए स्ट्रेन्स पर अध्ययन जारी है और लोगों को अलार्म करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सुरक्षा और सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।
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