बदायूं में कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली में उतरा करंट, एक की मौत; 7 झुलसे

HIGHLIGHTS
- गौरामई गांव में कांवड़ियों का जत्था ट्रैक्टर-ट्रॉली से गुजर रहा था।
- हादसे में 11 से 14 साल की उम्र के सात बच्चे झुलस गए।
- बिजली विभाग और ग्रामीणों के बीच हादसे की वजह को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए।
बदायूं। कांवड़ मार्ग पर बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते शनिवार रात बड़ा हादसा हो गया। गौरामई गांव में करीब 15 फीट की ऊंचाई पर झूल रही हाईटेंशन लाइन कांवड़ियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली से छू गई। इसके बाद तेज धमाका हुआ और चीख-पुकार के बीच कांवड़िए ट्रॉली से नीचे गिर पड़े।
करंट की चपेट में आने से एक कांवड़िए की मौत हो गई, जबकि ट्रॉली पकड़कर चल रहे सात बच्चे झुलस गए। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ट्रॉली में रखे जेनरेटर में शॉर्ट सर्किट के कारण हादसा हुआ होगा। दूसरी ओर, ग्रामीणों का दावा है कि नीचे लटक रही हाईटेंशन लाइन के कारण हादसा हुआ और घटना के बाद आनन-फानन में तार को कस दिया गया।
कादरचौक क्षेत्र के गौरामई गांव के कांवड़िए हर साल कछला से गंगाजल लेकर शिवालय में जल चढ़ाते हैं। शनिवार रात बाल्मीकि बस्ती से 60-70 कांवड़ियों का जत्था साउंड सिस्टम लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली से गली से गुजर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, कांवड़िया रोहित ट्रॉली में करीब 12-13 फीट ऊंचे स्पीकरों के पास खड़े थे।
करंट फैलते ही रोशनी के साथ हुआ तेज धमाका
बाकी कांवड़िए अपने परिजनों और परिचितों से मिलते हुए पैदल आगे बढ़ने लगे। ट्रॉली के पीछे गांव के कई बच्चे, पुरुष और महिलाएं भजनों पर झूमते हुए चल रहे थे। रास्ते में हाईटेंशन लाइन नीचे लटक रही थी, लेकिन अंधेरा होने की वजह से किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी।
इसी दौरान हाईटेंशन लाइन का तार स्पीकर से छू गया और रोशनी के साथ तेज धमाका हुआ। ट्रॉली में करंट फैलने से रोहित छटपटाकर नीचे गिर गए। ग्रामीण उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ट्रॉली पकड़कर चल रहे 11 वर्षीय बृजेश, आठ वर्षीय तेजवीर, 14 वर्षीय प्रशांत, आठ वर्षीय सौरभ, नौ वर्षीय दामेश, 12 वर्षीय अंशू और 14 वर्षीय विपेंद्र भी करंट की चपेट में आकर झुलस गए। सभी का जिला अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। रोहित के स्वजन का कहना है कि हाईटेंशन लाइन नीचे लटक रही थी, जिसके कारण हादसा हुआ। करंट लगते ही चालक ने तार से ट्रॉली को दूर करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली आगे बढ़ा दी थी।
अफसरों ने जेनरेटर को बताया वजह, ग्रामीणों ने लाइन को जिम्मेदार ठहराया
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद टीम को मौके पर भेजा गया था। उनके अनुसार, हाईटेंशन लाइन करीब 40 फीट की ऊंचाई पर मिली। शुरुआती जांच में ट्रॉली में रखे जेनरेटर में शॉर्ट सर्किट के कारण करंट फैलने की आशंका जताई गई है।
सीओ सुनील कुमार सिंह ने भी इसी बात की जानकारी दी। हालांकि, रोहित के स्वजन का कहना है कि 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन जर्जर होकर नीचे झूल रही थी और उसी की चपेट में आने से हादसा हुआ। ग्राम प्रधान हसरत खान के मुताबिक, हाईटेंशन लाइन करीब 15 फीट की ऊंचाई पर झूल रही थी और उसका तार साउंड सिस्टम के स्पीकर से छू गया। हादसे के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने रात में ही तार को कस दिया।
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