ऊर्जा सुरक्षा से G7 तक: विदेश मंत्रालय ने कई अहम मुद्दों पर दी जानकारी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कई अहम मुद्दों पर जानकारी दी। उन्होंने भारत की ऊर्जा सुरक्षा, पश्चिम एशिया में जारी संकट, 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान द्वारा किए गए अत्याचार और वैश्विक कूटनीतिक मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी पर बात की।
ऊर्जा सुरक्षा और सुरक्षित जहाजरानी
रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एलपीजी से लदे चार जहाज सुरक्षित भारत पहुँच चुके हैं। इसके साथ ही भारत अन्य देशों के साथ संपर्क बनाए हुए है ताकि ऊर्जा आपूर्ति और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि भारत 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यापक रणनीति पर काम कर रहा है, जिसमें बाजार की गतिशीलता और वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया है। यह बहुआयामी दृष्टिकोण भारत की ऊर्जा कूटनीति का मुख्य आधार है।
पश्चिम एशिया संकट पर भारत का रुख
जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखे हुए है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन को प्राथमिकता देने की भारत की निरंतर अपील दोहराई। उनका कहना था कि भारत ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
1971 के युद्ध और बांग्लादेश में न्याय की मांग
रणधीर जायसवाल ने 1971 के ‘ऑपरेशन सर्चलाइट’ के दौरान पाकिस्तान द्वारा किए गए भयानक अत्याचारों का जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि यह नरसंहार लाखों निर्दोष बांग्लादेशियों की हत्याओं और महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़ा था।
उन्होंने कहा कि यह इतिहास आज भी याद दिलाता है कि पाकिस्तान अपने अपराधों से इनकार करता है। भारत बांग्लादेश की न्याय की मांग का समर्थन करता है।
जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत की भागीदारी
जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर पेरिस में जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने फ्रांस, जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्राज़ील के समकक्षों से मुलाकात की।
विदेश मंत्री ने बैठक में वैश्विक शासन, सुरक्षा परिषद सुधार, शांति अभियानों का समन्वय और मानवीय आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती जैसे मुद्दों पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने खाद्य, ईंधन और उर्वरक से जुड़े वैश्विक संकटों पर भी चिंता व्यक्त की।
अबू धाबी में भारतीय नागरिक की मृत्यु और प्रत्यावर्तन
जायसवाल ने अबू धाबी में मलबा गिरने से एक भारतीय नागरिक की मौत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय मिशन शव को जल्द से जल्द भारत भेजने के लिए काम कर रहा है। वर्तमान में किसी निकासी की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि भारत और खाड़ी देशों के बीच प्रतिदिन सैकड़ों उड़ानें संचालित हो रही हैं।
नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को पीएम मोदी ने दी बधाई
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि नेपाल में बालेंद्र शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस अवसर पर भारत के राजदूत मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें बधाई दी और भारत-नेपाल सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।
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