गंगा दशहरा पर शुकतीर्थ में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किया स्नान

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर: गंगा दशहरा के पावन अवसर पर पौराणिक शुकतीर्थ में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
- ज्येष्ठ दशहरा के दिन हजारों श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त से ही गंगा स्नान के लिए तीर्थ नगरी पहुंचे और पुण्य लाभ अर्जित किया।
- पूरे दिन गंगा तट पर भारी भीड़ बनी रही, जिससे पूरा क्षेत्र धार्मिक माहौल में डूबा नजर आया।
- स्नान के बाद मंदिरों में दर्शन, श्रद्धालुओं ने किया पूजा-अर्चना गंगा स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा की।
- श्री शुकदेव मंदिर,…
मुजफ्फरनगर: गंगा दशहरा के पावन अवसर पर पौराणिक शुकतीर्थ में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। ज्येष्ठ दशहरा के दिन हजारों श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त से ही गंगा स्नान के लिए तीर्थ नगरी पहुंचे और पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे दिन गंगा तट पर भारी भीड़ बनी रही, जिससे पूरा क्षेत्र धार्मिक माहौल में डूबा नजर आया।
स्नान के बाद मंदिरों में दर्शन, श्रद्धालुओं ने किया पूजा-अर्चना
गंगा स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा की। श्री शुकदेव मंदिर, हनुमद्धाम, गणेश धाम, शिव धाम, दुर्गा धाम और मां बगलामुखी मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति और देश-समाज की उन्नति की कामना की।
अक्षय वट पर श्रद्धा का सैलाब, बांधे धागे और की प्रार्थना
प्राचीन अक्षय वट वृक्ष के नीचे महिलाओं और श्रद्धालुओं ने परंपरागत रूप से धागे बांधकर अपनी मनोकामनाएं मांगीं। बड़ी संख्या में लोग वृक्ष के नीचे बैठकर धार्मिक कथाएं सुनते नजर आए। इसी दौरान संत विभूति वीतराग स्वामी कल्याणदेव महाराज की समाधि पर भी श्रद्धालुओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
नक्षत्र वाटिका में दिनभर उमड़ी भीड़
गंगा तट स्थित नक्षत्र वाटिका श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही लगी रही। भक्तों ने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ आध्यात्मिक वातावरण का भी अनुभव किया।

गंगा को बताया जीवनदायिनी, प्रदूषण रोकने का दिया संदेश
भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि गंगा केवल नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था की आधारशिला है। उन्होंने गंगा को जीवनदायिनी और मोक्षदायिनी बताते हुए इसके संरक्षण और स्वच्छता पर जोर दिया।
धार्मिक उल्लास में डूबा शुकतीर्थ
पूरे दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ, संत प्रवचन और भक्ति गीतों से शुकतीर्थ का वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने गंगा दशहरा पर पुण्य अर्जित कर इस पर्व को आस्था और उत्साह के साथ मनाया।
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