हमीरपुर: मर्चेंट नेवी अफसर आदित्य शर्मा का पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार

हमीरपुर। ओमान और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग जहाज पर हुए हमले में जान गंवाने वाले मर्चेंट नेवी अफसर आदित्य शर्मा का गुरुवार दोपहर उनके पैतृक गांव भालू (ग्राम पंचायत हड़ेटा) में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में शोक की लहर रही और परिजनों के साथ ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हमीरपुर में पूरी किए जाने के बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा गया था। जैसे ही शव गांव पहुंचा, बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े और माहौल बेहद गमगीन हो गया।
अंतिम संस्कार के मौके पर उपायुक्त गंधर्वा राठौड़, नादौन के एसडीएम निशांत शर्मा, गलोड़ के तहसीलदार केशव कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपायुक्त ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
नाविकों की सुरक्षा को लेकर पिता ने उठाई मांग
इसी बीच आदित्य शर्मा के पिता राजेश शर्मा ने केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास कई कूटनीतिक जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए वे हर मुद्दे पर सीधे प्रतिक्रिया नहीं दे सकते। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के समक्ष भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया, जिसके लिए वह आभारी हैं।
राजेश शर्मा ने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में मजबूत कदम उठाएगी ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।






















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