अमित शाह के आरोपों पर हरीश रावत का पलटवार, बोले- प्रमाण दें तो राजनीति छोड़ दूंगा

HIGHLIGHTS
- हरीश रावत ने अमित शाह के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
- अमित शाह ने कांग्रेस सरकार के समय जुमे की छुट्टी और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था।
- हरीश रावत ने कहा कि आरोपों का प्रमाण दिया जाए तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
राज्योत्सव कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस सरकार के समय जुमे की छुट्टी दिए जाने, भ्रष्टाचार और सचिवालय को कमीशनखोरी का अड्डा बनाने के आरोप लगाए थे। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार में मंत्री सेवाभाव से काम कर रहे हैं। उन्होंने एक मंत्री के पति के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पास 210 करोड़ रुपये की संपत्ति है। खुद मंत्री के पति ने कहा था कि जब वह उनके पास आई थीं, तब उनके पास केवल साड़ी और चप्पल थीं, इसके अलावा कुछ नहीं था।
हरीश रावत ने एक कैबिनेट मंत्री पर आय से अधिक संपत्ति के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा था और अदालत ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे, लेकिन सरकार की ओर से इसकी अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि अगर घोटालों की चर्चा शुरू की जाए तो भाजपा के हर कार्यालय में घोटाले सामने आएंगे। हरीश रावत ने चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए किसी एक घोटाले या जुमे की छुट्टी से जुड़ा कोई प्रमाण दे दिया जाए। ऐसा होने पर वह राजनीति छोड़ देंगे और राज्य व देश की जनता से माफी भी मांगेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 में आई प्राकृतिक आपदा के बाद उत्तराखंड को संकट से उबारने और अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने का काम कांग्रेस सरकार ने किया था। उनकी सरकार ने उत्तराखंड के उत्पादों, व्यंजनों, वस्त्रों, आभूषणों, शिल्प, हस्तकला और लोककला को बढ़ावा दिया।
उन्होंने कहा कि उस समय शुरू की गई पहलों का लाभ आज लाखों उत्तराखंडवासी उठा रहे हैं। हरीश रावत के मुताबिक, उनकी सरकार ने नकारात्मक विकास दर को सुधारकर वार्षिक विकास दर 14 प्रतिशत तक पहुंचाया था। साथ ही बेरोजगारी की वृद्धि दर को डेढ़ प्रतिशत से भी नीचे लाने में सफलता हासिल की थी।
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