हरियाणा: हुड्डा ने बलराम दांगी से 5 करोड़ की रंगदारी पर सरकार को घेरा

चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हालात को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि सरकार आरोपियों पर कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रही है।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि महम से कांग्रेस विधायक बलराम दांगी के कार्यालय पर फायरिंग की घटना के बाद भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद कांग्रेस के 11 विधायक मुख्यमंत्री से मिले थे, लेकिन उसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। अब विधायक से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने बैंक घोटालों को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि केवल सीबीआई जांच पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि इन मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में हो, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान हुड्डा ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) कार्यालय के बाहर चल रहे अभ्यर्थियों के धरने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से युवा अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे हरियाणा के युवाओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
हुड्डा ने मांग की कि आंदोलनरत अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाए और उनका अनशन तुरंत समाप्त कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कई भर्तियों में जानबूझकर पद खाली छोड़े जा रहे हैं, खासकर आरक्षित वर्ग के पदों को लेकर।
विधानसभा स्पीकर द्वारा उनके जवाब को खारिज किए जाने से जुड़े सवाल पर हुड्डा ने कहा कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी विरोध के दौरान विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंची है तो वह खेद व्यक्त करते हैं, लेकिन यह विरोध एक सार्वजनिक स्थान पर हुआ था, जिसे आंदोलन के रूप में देखा जाना चाहिए।
पानी के मुद्दे पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के हिस्से के पानी को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब से पानी के अधिकार को लेकर मजबूती से बात नहीं की जा रही, जबकि राजस्थान को पानी भेजने के समझौते किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे राज्य हितों की अनदेखी बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे हैं और जिन्हें सरकार कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि बना रही है, उन्हें जनता के बीच जाकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
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