हिमाचल विधानसभा में राष्ट्रगान-वंदे मातरम् पर घमासान, विपक्ष का धरना; सदन सोमवार तक स्थगित

HIGHLIGHTS
- विधानसभा में राष्ट्रगान के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
- मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
- भाजपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय के बाहर धरना दिया।
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शनिवार को भी गतिरोध जारी रहा। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सदन की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित किए जाने के बाद विपक्ष विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गया। विपक्षी विधायकों ने सदन चलाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। शनिवार सुबह विधानसभा के बाहर शुरू हुआ गतिरोध सदन के भीतर भी जारी रहा।
विधानसभा में वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के अपमान को लेकर फिर हंगामा हुआ, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक स्थगित की गई। दो बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी हंगामा जारी रहा। दोपहर के भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष एक बार फिर इसी मुद्दे पर आमने-सामने आ गए। मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण के दौरान दोनों पक्षों के बीच भारी हंगामा हुआ। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।
सामूहिक वंदे मातरम् गायन करेंगे भाजपा विधायक
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर वर्मा ने कहा कि भाजपा विधायक दल 23 अगस्त को सुबह 11 बजे शिमला के रिज मैदान पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन करेगा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायक दल के सभी विधायक इसमें शामिल होंगे।
धरने पर बैठे भाजपा विधायक
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदस्यों से सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। हालांकि, जब स्थिति शांत नहीं हुई तो उन्होंने कार्यवाही सोमवार, 24 अगस्त को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी। इसके बाद नाराज भाजपा विधायक धरने पर बैठ गए।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर
इससे पहले सदन में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने भाजपा विधायकों पर बीते दिन राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लगाया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा अध्यक्ष से राष्ट्रगान का वीडियो सदन में दिखाने की मांग की, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में किसी भाजपा विधायक ने राष्ट्रगान का अपमान किया या नहीं।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर राष्ट्रगान के अपमान को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया और उनसे माफी मांगने की मांग की।
राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत कांग्रेस की देन: सीएम
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत कांग्रेस की देन हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत किसी धर्म या राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि देश के हैं। इसके लिए कांग्रेस के लाखों लोगों ने कुर्बानी दी है। उन्होंने कहा कि देश को बनाने और इसके लिए कुर्बानी देने वाली कांग्रेस है।
भाजपा वाले ड्रामेबाज, राष्ट्रगान खत्म होने से पहले हाथ खड़े किए
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा वाले ड्रामेबाज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते दिन भाजपा विधायकों ने राष्ट्रगान समाप्त होने से पहले ही हाथ खड़े कर दिए थे, जो राष्ट्रगान का अपमान है।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष आपदा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सराज में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की तिरंगा लगी गाड़ी पर जूते और कपड़े फेंके थे और इसे राष्ट्रध्वज का बड़ा अपमान बताया।
मुख्यमंत्री पूरी तरह झूठ बोल रहे: जयराम ठाकुर
प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राष्ट्रगान के अपमान को लेकर मुख्यमंत्री के आरोपों का मुद्दा उठाया। प्वाइंट ऑफ आर्डर के जरिए उन्होंने कहा कि किसी भी भाजपा विधायक ने राष्ट्रगान का अपमान नहीं किया और मुख्यमंत्री पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि बीते दिन सदन में गाए गए राष्ट्रगान का वीडियो सदन में दिखाया जाए। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि राष्ट्रगान का अपमान नहीं हुआ है तो मुख्यमंत्री को झूठ बोलने के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि असल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में झंडा फहराने के दौरान राष्ट्रगीत का अपमान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को खंडित किया गया था। उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलेगा, न कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फरमान से।
सदन के बाहर भी हंगामा
सदन में जाने से पहले भी प्रदर्शन हुआ। विधायकों के हाथों में तख्तियां थीं और कांग्रेस विधायकों ने नारे लगाते हुए कहा कि “राष्ट्रगान का अपमान हिंदुस्तान नहीं सहेगा।” कांग्रेस ने संकेत दिया कि इस मुद्दे को सदन के भीतर भी जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
कांग्रेस विधायक दल की तय रणनीति के अनुसार विधायक सदन में भी आक्रामक तेवर में नजर आ सकते हैं। शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद दूसरे दिन की कार्यवाही में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति बनी रही।
भाजपा का प्रदर्शन
भाजपा विधायक दल ने पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज किए जा रहे मामलों के विरोध में प्रदर्शन किया। साथ ही जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया लंबित रखने को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
कांग्रेस विधायक दल ने बनाई रणनीति
कार्यवाही से पहले शनिवार को विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने की। इसमें शुक्रवार को सदन में हुए गतिरोध और राष्ट्रगान के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई और आगे की रणनीति तय की गई।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगान के मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ उसका आक्रामक रुख जारी रहेगा।
जिलों में भी प्रदर्शन
राष्ट्रगान के मुद्दे को लेकर कांग्रेस अब केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रही है। पार्टी ने प्रदेश के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। धर्मशाला सहित अन्य स्थानों पर भी प्रदर्शन किया गया।
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