"जेल बदलते वक्त था एनकाउंटर का डर, बेटे से कहा- ज़िंदा रहे तो मिलेंगे"; आज़म खां का छलका दर्द

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खां ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता व राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल से एक विशेष साक्षात्कार में अपने जीवन के कई अनकहे पहलुओं पर खुलकर बात की। बातचीत के दौरान उन्होंने छात्र राजनीति से लेकर जेल यात्रा तक के अपने अनुभव साझा किए और अपने खिलाफ दर्ज मामलों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया।
“एनकाउंटर का डर था, बेटे से कहा— ज़िंदगी रही तो मिलेंगे”
आज़म खां ने बताया कि जब उन्हें रामपुर जेल से सीतापुर जेल स्थानांतरित किया गया, तो परिवार के बिछड़ने के उस पल में उन्हें एनकाउंटर का भय सताने लगा था। उन्होंने कहा, “मुझे और मेरे बेटे अब्दुल्ला को अलग-अलग गाड़ियों में ले जाया गया। उस वक्त मैंने बेटे से कहा— अगर ज़िंदगी रही तो फिर मिलेंगे, नहीं तो ऊपर मिलेंगे।”
छात्र राजनीति से जेल की अंधेरी कोठरी तक का सफर
अपने छात्र जीवन की राजनीति को याद करते हुए उन्होंने बताया कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान आपातकाल (Emergency) के समय उन्हें देशद्रोह के आरोप में जेल भेजा गया था। उन्होंने कहा, “जेल में मुझे उसी अंधेरी कोठरी में रखा गया था, जहां कभी सुंदर डाकू को बंद किया गया था।”
चौधरी चरण सिंह की जमकर तारीफ
आज़म खां ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि वे गरीबों और मजदूरों के सच्चे नेता थे। उन्होंने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने बीड़ी श्रमिकों और बुनकरों की आवाज़ बनकर काम किया।
“अब राजनीति में बदले की भावना हावी”
वर्ष 2017 में उन पर दर्ज हुए मामलों पर बात करते हुए आज़म खां ने कहा कि पहले की राजनीति में मतभेद के बावजूद आपसी सम्मान बना रहता था, लेकिन अब बदले की भावना ने राजनीति की दिशा बदल दी है। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि “मेरे ऊपर से मुकदमों का दाग हट जाए और मैं किसी अपराधी के रूप में सदन में न जाऊं।”
“मुझे जेल में नहीं, फांसीघर में रखा गया”
बातचीत के अंत में उन्होंने कहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने के लिए यूनिवर्सिटी की स्थापना की, लेकिन वही अब उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मैंने यूनिवर्सिटी बनाई, यही मेरा गुनाह है। मुझे जेल में नहीं, फांसीघर में रखा गया।”
यह पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आज़म खां और कपिल सिब्बल के बीच की यह बेबाक बातचीत लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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