दिल्ली-एनसीआर में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश, 26 विदेशी गिरफ्तार

दिल्ली। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को ढहाते हुए तीन दिन में करोड़ों रुपये मूल्य की नशीली दवाइयां और रासायनिक सामग्री जब्त की है। इस कार्रवाई में कुल 26 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।
तीन शहरों में समन्वित छापेमारी
डीआरआई के मुताबिक 21 से 23 अक्टूबर के बीच दिल्ली, गुरुग्राम और ग्रेटर नोएडा में एक साथ अभियान चलाया गया। खुफिया सूचना मिली थी कि विदेशी नागरिकों का एक गिरोह मेथामफेटामाइन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स का निर्माण कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई कर रहा है।
ग्रेटर नोएडा में ओमिक्रॉन-1 क्षेत्र में एक सुनसान खेत में बने गुप्त ठिकाने पर छापेमारी में 11.40 किलोग्राम एम्फेटामाइन और 110.923 किलोग्राम रासायनिक पदार्थ बरामद किए गए। डीआरआई ने गिरोह के मुख्य सरगना को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 1.33 किलोग्राम एम्फेटामाइन तथा कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए।
दिल्ली में भी हुई बड़ी कार्रवाई
गुरुग्राम गिरफ्तारी के बाद पश्चिमी दिल्ली में एक और ड्रग भंडारण स्थल की पहचान हुई। घनी आबादी और संकरी गलियों वाले इलाके में यह ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। स्थानीय असामाजिक तत्वों ने बाधा डालने की कोशिश की, लेकिन डीआरआई और दिल्ली पुलिस ने रणनीतिक तरीके से तलाशी अभियान पूरा किया। इस दौरान 7.79 किलोग्राम कोकीन, 1.87 किलोग्राम हेरोइन, 3.54 किलोग्राम एम्फेटामाइन, 2 किलोग्राम गांजा, 0.15 किलोग्राम मेथाक्वालोन और 4.50 किलोग्राम रासायनिक पदार्थ बरामद किए गए। इसके अलावा 37 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए, जिनका संबंध ड्रग तस्करी से जोड़ा गया है।
तीन दिन में बड़े पैमाने पर बरामदगी
तीन दिन के अभियान में डीआरआई ने कुल 16.27 किलोग्राम एम्फेटामाइन, 7.9 किलोग्राम कोकीन, 1.8 किलोग्राम हेरोइन, 2.13 किलोग्राम गांजा और 115.42 किलोग्राम रासायनिक पदार्थ जब्त किए। अधिकारियों के मुताबिक इनका अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य लगभग 108.81 करोड़ रुपये है। गिरफ्तार विदेशी नागरिकों में ज्यादातर अफ्रीकी मूल के हैं और वे भारत में किराए के घरों व फार्महाउसों में ड्रग निर्माण और पैकिंग करते थे। नेटवर्क के अन्य सदस्य वितरण और अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्टेशन में शामिल थे।
डीआरआई की रणनीति और आगे की जांच
अधिकारियों ने बताया कि अभियान कठिन परिस्थितियों में चलाया गया, लेकिन सटीक योजना और संयम के साथ इसे सफल बनाया गया। जांच अभी जारी है और डीआरआई गिरफ्तार विदेशी नागरिकों से पूछताछ कर उनके अंतरराष्ट्रीय संपर्क, सप्लाई चैनल और धन के स्रोत की जानकारी जुटा रही है।
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