पश्चिम बंगाल में जैश की बड़ी साजिश बेनकाब, मंत्रियों को हनी-ट्रैप में फंसाने की थी तैयारी

HIGHLIGHTS
- STF कथित मॉड्यूल से जुड़े लोगों की गतिविधियों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
- जांच में इन्फ्लुएंसर्स के जरिए जानकारी जुटाने के संभावित तरीके की भी पड़ताल की जा रही है।
- एजेंसियां प्रभावशाली लोगों से संपर्क और जंतर-मंतर से जुड़े संभावित एंगल की जांच कर रही हैं।
पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक कथित मॉड्यूल की बड़ी साजिश सामने आई है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच में खुलासा हुआ है कि जैश ने पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के मंत्रियों को निशाना बनाने के लिए हनी-ट्रैप की योजना बनाई थी। इसके लिए बड़ी संख्या में महिलाओं की भर्ती करने की तैयारी की जा रही थी।
एक अधिकारी के अनुसार, इस मॉड्यूल का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल था। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री को निशाना बनाने और मंत्रियों व उनके बेटों को हनी-ट्रैप में फंसाने के उद्देश्य से महिलाओं की भर्ती का काम सौंपा था।
युवा महिलाओं की भर्ती की थी योजना
जांच अधिकारियों ने बताया कि यह मॉड्यूल कथित तौर पर ऐसी युवा महिलाओं की तलाश कर रहा था, जिन्हें हनी-ट्रैप ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल किया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, भर्ती की जाने वाली महिलाओं को इस काम के बदले बड़ी रकम देने का वादा किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि जैश की कथित योजना मंत्रियों के बेटों को अगवा करने और जबरन वसूली के जरिए भारी फिरौती मांगने की भी थी। इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा कि नए तरीके से काम करने वाले ऐसे मॉड्यूल चिंता का विषय हैं।
कम जोखिम वाली रणनीति अपना रही ISI
अधिकारियों का मानना है कि यह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी की एक रणनीति हो सकती है, क्योंकि बम धमाकों जैसी गतिविधियों की तुलना में इस तरह के अभियानों में जोखिम कम होता है। विस्फोट जैसी घटनाओं में अक्सर सुराग मिलने की संभावना अधिक रहती है, जिससे जांच एजेंसियों के लिए आरोपियों तक पहुंचना आसान हो जाता है।
अधिकारियों के अनुसार, हाल के समय में एक और पैटर्न सामने आया है, जिसमें महिला इन्फ्लुएंसर्स को कथित तौर पर भर्ती कर पाकिस्तान से जुड़े सकारात्मक कंटेंट तैयार करने और संवेदनशील जानकारी जुटाने का काम सौंपा जाता है।
इन्फ्लुएंसर्स को भी बनाया जा रहा निशाना
पश्चिम बंगाल STF की जांच में भी इसी तरह का पैटर्न सामने आने की बात कही गई है। गिरफ्तार लोगों में कथित इन्फ्लुएंसर अर्पिता सरकार भी शामिल है, जो झारखंड की 22 वर्षीय महिला बताई गई है। STF उसके डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है और झारखंड से कोलकाता के बार-बार दौरों के उद्देश्य का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या यह मॉड्यूल नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, मॉड्यूल से जुड़े सदस्य महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने के लिए प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनाने के उद्देश्य से पुलिस की वर्दी हासिल करने की कोशिश भी कर रहे थे।
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