जौनपुर हत्याकांड का खुलासा: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की थी पति की हत्या, दोनों गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- जौनपुर में पल्लेदार संदीप हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया, पत्नी वंदना और उसके प्रेमी राजेश को आरोपी बनाया गया।
- पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर गमछे से गला दबाकर संदीप की हत्या की थी और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई।
- पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया, जबकि दोनों बच्चों को परिवार के सुपुर्द किया गया।
जौनपुर के बदलापुर कस्बे के वार्ड नंबर आठ में शुक्रवार रात हुई पल्लेदार संदीप उर्फ चंद्रीप (27) की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, संदीप की हत्या उसकी पत्नी वंदना और उसके प्रेमी राजेश ने मिलकर की थी।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के दौरान वंदना ने संदीप का मुंह दबाया था, जबकि राजेश उसके सीने पर बैठ गया और नीले रंग के गमछे से उसका गला कस दिया था। राजेश रिश्ते में वंदना का ममेरा भाई बताया जा रहा है। थानाध्यक्ष बदलापुर फूलचंद्र पांडेय के अनुसार, दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
चार साल से संपर्क में थे वंदना और राजेश
थानाध्यक्ष के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों एक-दूसरे के संपर्क में करीब चार साल से थे। शादी के बाद गजाधरपुर निवासी अविवाहित राजेश भलुआही में किराये के मकान में रहने लगा था, जो उसके घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर है।
दोनों के बीच लगातार मुलाकात होती रहती थी। वंदना के दो बच्चों में से एक बच्चे से राजेश काफी लगाव रखता था। इसकी जानकारी होने पर संदीप ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद पिछले आठ-दस दिनों से राजेश वंदना से मिलने घर नहीं आ रहा था।
पति की मौत पर वंदना को नहीं था पछतावा
पुलिस पूछताछ के दौरान वंदना को अपने किए पर पछतावा नहीं था। दोनों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने चालान कर उन्हें न्यायालय भेज दिया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। दोनों बच्चों को परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है।
दो मासूम बच्चों से छिना पिता का सहारा
इस घटना के बाद दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया और मां का साथ छिन गया है। जिस घर में खुशियों का माहौल होना चाहिए था, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
संदीप परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा था। वह पल्लेदारी कर घर का खर्च चलाता था और अपने बुजुर्ग पिता लालजी, पत्नी और दोनों बच्चों की जिम्मेदारी संभालता था। उसकी मां और बड़े भाई की पहले ही मौत हो चुकी थी।
संदीप के दो छोटे भाई अपने परिवार के साथ मुंबई में काम करते हैं। जिस बेटे के सहारे पिता लालजी को बुढ़ापा काटने की उम्मीद थी, उसी बेटे की अर्थी उठानी पड़ी। अब बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी बुजुर्ग पिता के कंधों पर आ गई है।
वंदना ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद राजेश अपने घर जाकर सो गया था। वहीं, वंदना ने साक्ष्य मिटाने के लिए घर की गोबर से लिपाई की। सुबह उसने अपने बुजुर्ग ससुर से कहा कि संदीप को जगा दें, ताकि मौके पर उनके पैर के निशान पड़ जाएं।
ससुर ने पहले इसे सामान्य मौत मान लिया था और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी थी। इसी दौरान एक महिला की नजर संदीप के गले पर पड़े निशानों पर गई, जिसके बाद शक हुआ। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
थानाध्यक्ष ने बताया कि संदीप वंदना और राजेश के बीच चल रहे प्रेम संबंध का विरोध करता था।
यह था पूरा मामला
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के कोतवाली क्षेत्र के भलुआही वार्ड नंबर आठ में शुक्रवार रात प्रेम संबंध के चलते पत्नी वंदना ने प्रेमी राजेश कुमार के साथ मिलकर पति संदीप (27) की गला दबाकर हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, घटना को छिपाने के लिए वंदना ने सुबह घर की गोबर से लिपाई कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की और एक कहानी तैयार की। परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, तभी पड़ोस की महिलाओं ने संदीप के गले पर निशान देखे और शक जताया।
इसके बाद संदीप के पिता ने पुलिस को सूचना दी। पूछताछ में पूरी घटना सामने आ गई। पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
बहू वंदना से रिश्तेदारी थी राजेश की
भलुआही वार्ड नंबर आठ निवासी लालजी गौतम के दूसरे बेटे संदीप (27) की शादी करीब छह साल पहले तियरा गांव की वंदना से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं।
पिता की ओर से थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक, गजाधरपुर निवासी राजेश के वंदना से संबंध थे। राजेश वंदना का दूर का रिश्तेदार बताया जा रहा है।
दो सप्ताह से संदीप के घर के पास रह रहा था राजेश
पुलिस के अनुसार, राजेश लगातार फोन पर वंदना से बात करता था। पिछले कुछ दिनों से वह संदीप के घर के पास किराये के मकान में रह रहा था।
थानाध्यक्ष फूलचंद्र पांडेय ने बताया कि संदीप पल्लेदारी करता था और शुक्रवार को किसी कारण से काम पर नहीं गया था। उसने पत्नी से शराब और मीट के लिए 500 रुपये मांगे थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था।
इसके बाद संदीप ने बॉक्स से रुपये निकालकर मीट और शराब खरीदी और रात में घर पर बनाया। बाद में खाना फेंक दिया गया। रात करीब 12 बजे घर में हो रहा विवाद शांत हो गया।
सुबह वंदना ने घर के बाहर गोबर से लिपाई की। करीब सात बजे उसने अपने ससुर से कहा कि संदीप उठ नहीं रहा है और उसे देखने के लिए कहा।
पड़ोस की महिलाओं ने गले पर निशान देखकर जताया शक
संदीप के पिता ने बेटे को बिस्तर पर मृत पाया। उन्होंने पहले इसे सामान्य मौत समझा और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। इसी दौरान पड़ोस की महिलाओं की नजर संदीप के गले पर पड़े निशानों पर गई, जिसके बाद हत्या की आशंका जताई गई।
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