संयुक्त परिवार समाज की आधारशिला : संजीव बालियान

मुजफ्फरनगर: सोरम में बालियान खाप के चौधरी और भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने समाज में बढ़ती कुरीतियों और युवा पीढ़ी के बिगड़ते रुझानों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आजकल रिश्ते केवल कुछ महीनों में ही टूट जाते हैं, जबकि माता-पिता लाखों रुपये खर्च करके बच्चों की शादी करवाते हैं। इसके बावजूद युवा अलग राह पर चल पड़ते हैं, जो समाज के लिए सही नहीं है। टिकैत ने शराब और बाइक की तेज रफ्तार जैसी आदतों को भी युवाओं के लिए खतरनाक बताया।
नरेश टिकैत ने लिव-इन रिलेशनशिप पर भी अपना विरोध जताते हुए कहा कि यह हमारी परंपरा और सभ्यता में नहीं है। उन्होंने खाप चौधरियों पर जिम्मेदारी बढ़ने की बात कही और बताया कि समाज में सुधार लाने के लिए कदम उठाना जरूरी है। टिकैत ने कहा कि सोरम से होने वाले सर्वखाप पंचायत के फैसलों का संदेश न केवल पूरे देश में जाएगा बल्कि उन्हें सरकार के समक्ष भी रखा जाएगा, ताकि उन्हें लागू किया जा सके।
खाप फैसलों को समर्थन:
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने खाप चौधरियों के निर्णयों का समर्थन करते हुए कहा कि ये समाज सुधार के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप और समलैंगिकता को समाज के लिए सही नहीं बताया।
संयुक्त परिवार की अहमियत:
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि समाज के ताने-बाने में कई कुरीतियां प्रवेश कर चुकी हैं। समाज के उत्थान के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने खाप चौधरियों की जिम्मेदारी और उनकी भूमिका पर जोर दिया और कहा कि संयुक्त परिवार ही समाज की मजबूत आधारशिला है। बालियान ने शादी में फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की भी बात कही और अपने भाई जितेंद्र की शादी का उदाहरण देते हुए बताया कि उसमें केवल 11 बाराती ही गए थे।
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