गंगा तट पर कैलाश खेर के भजनों से झूमे श्रद्धालु, लेज़र लाइटों से नहाया शुकतीर्थ

मुजफ्फरनगर। पवित्र भागवत भूमि शुकतीर्थ रविवार की रात भक्ति और संगीत के रंग में सराबोर हो उठी। कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान के अवसर पर चल रहे पांच दिवसीय भागवत महोत्सव और मोक्ष कुंभ के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध गायक पद्मश्री कैलाश खेर ने अपनी स्वर लहरियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
एक ओर मंच पर कैलाश खेर की आवाज़ गूंज रही थी, तो दूसरी ओर बाणगंगा के किनारे बैठे सैकड़ों श्रद्धालु तालियों और जयकारों से वातावरण को भक्ति-मय बना रहे थे। लेज़र लाइटों की रंगीन छटा जब गंगा की लहरों पर बिखरी, तो दृश्य अद्भुत और अविस्मरणीय हो गया।
कैलाश खेर ने मंच पर आते ही ‘नी मैं जाना री जोगी दे नाल’ भजन से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने अपने लोकप्रिय गीत ‘तेरे बिन नहीं लगदा दिल मेरा ढोलना’, ‘तौबा-तौबा तेरी सूरत’, ‘कैसे बताएं क्यूं तुझको चाहें तू जाने ना’, और ‘रंग दीनी रंग दीनी’ जैसे गीतों से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
जब उन्होंने ‘उतरे मुझमें आदियोगी’ और ‘बाहुबली’ फिल्म का प्रसिद्ध गीत ‘कौन है वो... जय-जयकारा स्वामी देना साथ हमारा’ गाया, तो पूरा पंडाल “हर हर महादेव” और “जय गंगे मैया” के उद्घोष से गूंज उठा। बाद में ‘ऐरी सखी मंगल गाओ रे’ जैसे भक्ति गीतों से समापन हुआ और दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया।
प्रसंग के दौरान कैलाश खेर ने भावुक होते हुए कहा,
“शुकतीर्थ का नाम बहुत सुना था, लेकिन आज यहां आकर मैं धन्य हो गया। ऐसा लग रहा है जैसे मां गंगा स्वयं अपने बालक को सुन रही हों। यहां की शुद्धता और श्रद्धा देखकर मन रोमांचित है। मुझे आज बनारस जाना था, पर शायद ईश्वर ने बुलावा यहां के लिए भेजा था।”
कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और उमंग से भर गया।
इस मौके पर कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, डीएम उमेश मिश्रा, एसएसपी संजय कुमार वर्मा, रालोद विधायक मिथलेश पाल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, भाजपा नेता गौरव स्वरूप, सीडीओ कमल किशोर कंडारकर, एडीएम गजेंद्र सिंह, एसपी देहात आदित्य बंसल, महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास महाराज, ब्लॉक प्रमुख अनिल राठी, उद्यमी भीमसेन कंसल, और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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