नाथू ला से शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा, पहला जत्था आज होगा रवाना

HIGHLIGHTS
- बहुप्रतीक्षित कैलाश मानसरोवर यात्रा की शुरुआत शनिवार से होने जा रही है।
- इस बार तीर्थयात्रियों का पहला जत्था सिक्किम स्थित नाथू ला दर्रा से अपनी आध्यात्मिक यात्रा का आगाज़ करेगा।
- यह यात्रा तिब्बत में स्थित पवित्र माउंट कैलाश और मानसरोवर झील तक पहुंचने वाली सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है, जिसका श्रद्धालुओं को लंबे समय से इंतजार था।
- इस वर्ष नाथू ला मार्ग से कुल 500 श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे।
- यात्रियों को 50-50 लोगों के 10 समूहों में बांटा गया है।
सिक्किम। बहुप्रतीक्षित कैलाश मानसरोवर यात्रा की शुरुआत शनिवार से होने जा रही है। इस बार तीर्थयात्रियों का पहला जत्था सिक्किम स्थित नाथू ला दर्रा से अपनी आध्यात्मिक यात्रा का आगाज़ करेगा। यह यात्रा तिब्बत में स्थित पवित्र माउंट कैलाश और मानसरोवर झील तक पहुंचने वाली सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है, जिसका श्रद्धालुओं को लंबे समय से इंतजार था।
इस वर्ष नाथू ला मार्ग से कुल 500 श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। यात्रियों को 50-50 लोगों के 10 समूहों में बांटा गया है। प्रत्येक दल के साथ एक संपर्क अधिकारी और एक चिकित्सा सहायक तैनात रहेगा, ताकि पूरी यात्रा के दौरान बेहतर समन्वय और स्वास्थ्य संबंधी सहायता सुनिश्चित की जा सके।
यात्रा से पहले भारत के चीन में राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने वीडियो संदेश जारी कर सभी तीर्थयात्रियों का स्वागत किया और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि विदेश मंत्रालय और चीन सरकार के सहयोग से आयोजित यह यात्रा 20 जून को भारतीय क्षेत्र से रवाना हो रही है।
दूतावास की ओर से यह भी बताया गया कि राजदूत और उनकी टीम ने हाल ही में सिक्किम के नाथू ला और उत्तराखंड के लिपुलेख मार्ग का दौरा कर यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रांजिट पॉइंट्स, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
नाथू ला मार्ग से जाने वाले श्रद्धालुओं का चीन सीमा शुल्क और इमिग्रेशन प्रक्रिया के बाद याडोंग काउंटी तक बसों के माध्यम से परिवहन किया जाएगा। यात्रा के दौरान ठहरने, भोजन और मुद्रा विनिमय जैसी आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है।
दूतावास ने बताया कि आने वाले दिनों में यात्रियों के लिए और अधिक यात्रा संबंधी वीडियो और एडवाइजरी जारी की जाएंगी, ताकि उनकी यात्रा सुगम और सुरक्षित रहे। साथ ही सभी श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक और यादगार अनुभव की कामना की गई है।
हिंदू, बौद्ध, जैन और बॉन धर्मों के अनुयायियों के लिए यह यात्रा अत्यंत पवित्र मानी जाती है। मान्यता है कि माउंट कैलाश भगवान शिव का निवास स्थान है, जबकि मानसरोवर झील को विश्व की सबसे पवित्र झीलों में से एक माना जाता है। यह यात्रा श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक साधना का अद्वितीय संगम मानी जाती है।
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