कर्नाटक: बल्लारी हिंसा मामले में भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी समेत 11 पर एफआईआर

बल्लारी (कर्नाटक)। कर्नाटक के बल्लारी जिले में गुरुवार को हुई हिंसक झड़प के मामले में भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी सहित 11 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
जानकारी के मुताबिक, शहर में बैनर और पोस्टर लगाने को लेकर दो राजनीतिक गुट आमने-सामने आ गए थे। यह विवाद कांग्रेस विधायक भरत रेड्डी और भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी के समर्थकों के बीच हुआ, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। झड़प के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।
तनाव को देखते हुए बढ़ाई गई सुरक्षा
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल हालात काबू में हैं। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारी के अनुसार, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें एक व्यक्ति को हथियार लहराते और हवा में फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है। इन वीडियो की जांच के बाद पुलिस ने शुक्रवार को भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी, पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु समेत शेखर, अलिखन और सोमशेखर रेड्डी सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, 3 जनवरी को बल्लारी में वाल्मिकी जी की प्रतिमा के अनावरण को लेकर एक कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसी कार्यक्रम के प्रचार के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में बैनर और पोस्टर लगाए जा रहे थे। अवंभावी क्षेत्र में कांग्रेस विधायक भरत रेड्डी के समर्थक, भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी के आवास के बाहर बैनर लगा रहे थे, जिस पर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई।
पहले दोनों गुटों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में हाथापाई में बदल गई। हालात बिगड़ने पर दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। पुलिस का कहना है कि सूचना मिलने पर जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो भीड़ ने उन पर भी पत्थर फेंके।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग करनी पड़ी, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया। पुलिस ने बताया कि घटना में कई लोग घायल हुए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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