डीएमके में बड़े संगठनात्मक बदलाव, स्टालिन ने हार के बाद नई व्यवस्था का किया ऐलान

HIGHLIGHTS
- स्टालिन ने पार्टी की चुनावी हार को खुले तौर पर स्वीकार किया।
- पदाधिकारियों के कामकाज को हार के कारणों में शामिल बताया गया।
- शाखा सचिवों के लिए अधिकतम 45 वर्ष की उम्र तय की गई।
चेन्नई। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) प्रमुख एमके स्टालिन ने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। यह घोषणा विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार और मुख्यमंत्री पद गंवाने के कुछ महीनों बाद की गई है।
स्टालिन ने कहा कि पार्टी स्वीकार करती है कि वह चुनाव हार गई है और इस सच्चाई को छिपाने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी की हार के कई कारणों में डीएमके के पदाधिकारियों के काम करने का तरीका भी शामिल है।
हमारी हार के कई कारण- स्टालिन
स्टालिन ने कहा कि पार्टी की हार के कई कारण रहे हैं, जिनमें पदाधिकारियों का कामकाज भी एक कारण है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले अपनी गलतियों को स्वीकार करना होगा और उन्हें खुले तौर पर मानना होगा। उनके मुताबिक, गलती भले ही किसी एक व्यक्ति की हो, लेकिन उसका असर 75 साल पुरानी पार्टी को भुगतना पड़ता है। उन्होंने पार्टी के सभी स्तरों के सदस्यों से बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि डीएमके वापसी करने में माहिर है और पार्टी निश्चित रूप से वापसी करेगी तथा ब्याज और मूलधन के साथ जवाब देगी।
पार्टी पदों पर उम्र और कार्यकाल की सीमा तय
स्टालिन द्वारा किए गए प्रमुख बदलावों में पार्टी पदों पर रहने वालों के लिए उम्र और कार्यकाल की सीमा तय करना शामिल है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने डीएमके के प्रशासनिक ढांचे में कई बदलाव करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि ये बदलाव कड़े होंगे और इससे कुछ लोग निराश हो सकते हैं, लेकिन इनका उद्देश्य अच्छा है। उन्होंने सभी से सहयोग की अपील की।
बदलाव अगले 100 साल तक डीएमके को मजबूत करेंगे- स्टालिन
स्टालिन ने कहा कि ये बदलाव अगले 100 साल तक डीएमके की मजबूती सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के काम ऐसे होने चाहिए, जिनसे युवाओं और महिलाओं का भरोसा दोबारा हासिल किया जा सके। पार्टी पदों के लिए उम्र और कार्यकाल की सीमा लागू की जा रही है और नए चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी।
डीएमके की कार्यकारी समिति ने पार्टी के जिलों की संख्या 77 से बढ़ाकर 110 करने को भी मंजूरी दी है। ये बदलाव डीएमके के 16वें संगठनात्मक चुनावों के तहत लागू किए जाएंगे। नए नियमों के अनुसार, शाखा सचिवों की उम्र 45 साल या उससे कम होनी चाहिए और वे अधिकतम दो कार्यकाल तक पद पर रह सकेंगे।
शहरी क्षेत्रों में ब्रांच लेवल का नया ढांचा बनेगा- स्टालिन
शहरी क्षेत्रों में ब्रांच लेवल का नया ढांचा और ब्रांच सचिव का पद बनाया जाएगा। यह व्यवस्था शुरुआत में चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, तिरुचिरापल्ली और सलेम में लागू की जाएगी। बाद में इसे अन्य नगर निगमों तक भी बढ़ाया जा सकता है।
सबसे बड़ा बदलाव जिला इकाइयों की संख्या 77 से बढ़ाकर 110 करना है। रेवेन्यू जिलों को आमतौर पर इस तरह पुनर्गठित किया जाएगा कि पार्टी का प्रत्येक जिला दो विधानसभा क्षेत्रों को कवर करे।
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