मायावती ने कांग्रेस पर किया तीखा हमला, बीएसपी समर्थकों को सतर्क रहने की दी सलाह

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने अपनी पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयंती के मौके पर कांग्रेस पर कड़ा हमला किया। उन्होंने BSP कार्यकर्ताओं और कांशीराम के अनुयायियों से कहा कि वे कांग्रेस की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें। मायावती ने यह भी याद दिलाया कि दलित-विरोधी सोच और मानसिकता के कारण ही BSP का गठन हुआ था।
यह बयान ऐसे समय आया है जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित कांशीराम जयंती कार्यक्रम में हिस्सा लिया और उनके योगदान को सराहा। राहुल गांधी ने कहा था कि अगर जवाहरलाल नेहरू आज जीवित होते तो कांशीराम कांग्रेस से मुख्यमंत्री बन सकते थे।
1. जैसा कि सर्वविदित है कि कांग्रेस पार्टी ने काफी वर्षो तक केन्द्र की सत्ता में रहकर दलितों के मसीहा व भारतीय संविधान के मूल निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का कभी भी आदर-सम्मान नहीं किया और ना ही उनको ’भारतरत्न’ की उपाधि से भी सम्मानित किया। भला फिर यह पार्टी…
— Mayawati (@Mayawati) March 14, 2026
मायावती ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद दलितों के मसीहा और भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का सम्मान नहीं किया और उन्हें ‘भारतरत्न’ से नवाजा तक नहीं। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस अब कांशीराम को कैसे सम्मान दे सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस और अन्य राजनीतिक पार्टियां BSP को कमजोर करने की कोशिशों में लगी रहती हैं। कांशीराम के निधन पर न तो केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शोक घोषित किया और न ही उस समय उत्तर प्रदेश की सपा सरकार ने। मायावती ने चेतावनी दी कि BSP के अनुयायी और समर्थक इन चालों से हमेशा सचेत रहें।
अध्यक्ष ने कहा, “कांग्रेस की दलित-विरोधी मानसिकता के कारण ही BSP का गठन हुआ। इसलिए समर्थक और कार्यकर्ता हमेशा सजग रहें।” उन्होंने सभी BSP समर्थकों से अपील की कि वे 15 मार्च 2026 को कांशीराम की जयंती पर पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हों और उन्हें सफल बनाएं।
बता दें कि कांशीराम ने 1984 में BSP की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग और धार्मिक अल्पसंख्यकों को एक मजबूत राजनीतिक मंच प्रदान करना था, और इसमें वह सफल भी रहे।
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