मंत्री न बनने पर छलका दर्द? BJP विधायक आशा मौर्य की पोस्ट से UP में हलचल

उत्तर प्रदेश में रविवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद राजनीतिक हलचल के बीच भाजपा विधायक आशा मौर्य की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गई। मंत्रिमंडल में जगह न मिलने के बाद उन्होंने पहले एक भावुक पोस्ट साझा की, जिसे कुछ ही देर बाद हटा लिया और फिर एक संशोधित संदेश पोस्ट किया।
पहली पोस्ट में जताया था असंतोष
अपनी शुरुआती प्रतिक्रिया में आशा मौर्य ने पार्टी नेतृत्व और संगठन से जुड़े अपने समर्थकों के प्रति आभार जताते हुए यह भी लिखा कि वर्षों से समर्पित कार्यकर्ताओं, खासकर मौर्य समाज के नेताओं की अनदेखी हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी में लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ताओं की तुलना में हाल ही में आए नेताओं को तरजीह देना “पीड़ादायक” है। हालांकि इस पोस्ट के वायरल होने के बाद उन्होंने इसे डिलीट कर दिया।
बाद में दी सफाई और बदला रुख
इसके बाद साझा की गई नई पोस्ट में उन्होंने अपने बयान को संतुलित रखते हुए कहा कि उन्हें समर्थकों और शुभचिंतकों से लगातार मिल रहे संदेशों के लिए आभार है।
उन्होंने लिखा कि पिछले 35 वर्षों से वह पूरी निष्ठा के साथ पार्टी और संगठन के लिए कार्य कर रही हैं और आगे भी जनसेवा व समाजहित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेंगी।
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से मन में थोड़ी निराशा जरूर है, लेकिन यह उनके संकल्प और संगठन के प्रति समर्पण को कमजोर नहीं करेगी।
संगठन के प्रति दोहराया भरोसा
विधायक ने अपने संदेश के अंत में कहा कि वह पार्टी के प्रति पूरी तरह वफादार हैं और समाज के सम्मान, अधिकारों और हितों के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
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