मुजफ्फरनगर: मुठभेड़ में 15 हजार का इनामी घायल, महाराष्ट्र मकोका लिंक वाले दो भी दबोचे

मुजफ्फरनगर। करीब सवा माह पहले तितावी क्षेत्र के गांव जागाहेड़ी में भैंसा दौड़ को लेकर हुए विवाद में फायरिंग कर दो युवकों को घायल करने वाला 15 हजार का इनामी अपराधी अनुराज पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया है। मुठभेड़ में उसे गोली लगने से चोट आई है। तितावी पुलिस ने अनुराज के साथ उसके दो अन्य साथियों को भी हिरासत में लिया है। इनमें से एक आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र में मकोका के तहत मामला दर्ज है। पूरा गिरोह हथियारों की तस्करी और फायरिंग की वारदातों में शामिल बताया जा रहा है।
भैंसा दौड़ की रंजिश बनी थी फायरिंग की वजह
एसपी देहात आदित्य बंसल के अनुसार, 22 अक्टूबर को जागाहेड़ी के पास दो गुटों में पुरानी रंजिश को लेकर झगड़ा हुआ था। झगड़े के दौरान सात–आठ राउंड गोलियां चलीं, जिसमें दो युवक घायल हो गए। जांच में सामने आया कि दोनों गुटों के बीच पहले भी विवाद हुआ था और व्हाट्सऐप ग्रुप पर गाली-गलौज की वजह से मामला और भड़क गया था।
आरोप है कि पीनना निवासी अभिषेक ने विवाद के बाद मोदीनगर, गाजियाबाद सहित अन्य स्थानों से अपने साथी बुलाए। घटना वाली रात दो कारों में आठ से दस युवक जागाहेड़ी पहुंचकर फायरिंग करते हुए भाग गए। इस मामले में पहले ही चार युवकों को जेल भेजा जा चुका है।
देर रात तिरपड़ी-बघरा रोड पर मुठभेड़
गुरुवार देर रात तितावी पुलिस ने तिरपड़ी से बघरा की ओर जाने वाले मार्ग पर संदिग्ध कारों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस पर फायरिंग होने के बाद जवाबी कार्रवाई में तीन आरोपी दबोचे गए, जिनमें अनुराज घायल हो गया।
इनामी अनुराज समेत तीन शातिर दबोचे
पुलिस के अनुसार, दतियाना निवासी अनुराज पर रंगदारी, फायरिंग और अपहरण जैसे मामलों में चार केस दर्ज हैं और उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, एक पिस्टल और दो कारें बरामद की गईं।
अन्य आरोपियों में मंसूरपुर क्षेत्र के जडोदा निवासी पारस उर्फ मालू शामिल है, जो हत्या, रंगदारी, गैंगस्टर और मकोका सहित लगभग 13 मामलों में वांछित रहा है। उसके खिलाफ पुणे, महाराष्ट्र में भी मकोका के तहत रिपोर्ट है। वह हाल ही में जमानत पर बाहर आया था।
तीसरा आरोपी निखिल, मखियाली का निवासी है, जिसके खिलाफ लूट, मारपीट और हत्या के प्रयास समेत आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शेरा ग्रुप के नाम से सक्रिय यह गिरोह
पुलिस का कहना है कि ये सभी युवक ‘शेरा ग्रुप’ के नाम से सक्रिय गैंग से जुड़े हैं, जो अवैध हथियारों की तस्करी और फायरिंग की घटनाओं में लगातार शामिल रहा है। इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस के अनुसार, इनामी अनुराज के साथ पकड़े गए दोनों आरोपी जागाहेड़ी में हुई फायरिंग में शामिल नहीं थे। फायरिंग के चार और आरोपी अभी फरार हैं।
गिरोह का सरगना पहले ही पकड़ा जा चुका
तितावी पुलिस ने बताया कि गिरोह का सरगना सार्थक को गुरुवार को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। उसी से मिली जानकारी के आधार पर उसके बाकी साथियों की तलाश की जा रही थी। फायरिंग के चार आरोपी पहले ही पकड़ लिए गए थे।
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