मुजफ्फरनगर: दिल्ली धमाके के बाद मंत्री कपिल देव ने की मदरसों की गहन जांच की मांग

मुजफ्फरनगर। दिल्ली के लाल किले के सामने हुए विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उच्च स्तरीय जांच जारी है। इसी बीच गुजरात एटीएस द्वारा तीन आतंकियों की गिरफ्तारी और उनमें से दो का बुढ़ाना के दाऊद मदरसे से संबंध उजागर होने के बाद कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने प्रदेश भर के सभी मदरसों की गहन जांच कराने की मांग उठाई है।
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली की आतंकी घटना देश की एकता और शांति पर हमला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग धार्मिक शिक्षा के नाम पर बच्चों को आतंकवाद की ओर उकसा रहे हैं, उनके असली चेहरे उजागर होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी।
इस मामले में पुलिस ने बुढ़ाना स्थित दाऊद मदरसे में मंगलवार को छानबीन की। कोतवाली बुढ़ाना की टीम ने मदरसे में पहुंचकर संचालक मौलाना दाऊद से विस्तृत पूछताछ की और दोनों संदिग्ध छात्रों—आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहेल—के संबंध में जानकारी जुटाई। मौलाना दाऊद ने बताया कि मदरसा कुरान शरीफ और नैतिक शिक्षा पर केंद्रित है और यहां कोई उग्रवादी गतिविधियां नहीं हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आजाद सुलेमान शेख वर्ष 2018-19 में और सुहेल तीन महीने पहले ही हाफिज की तालीम के लिए आए थे।
इंस्पेक्टर सुभाष अत्री ने छात्रों के दाखिले, पहचान सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में किसी असामान्य गतिविधि का पता नहीं चला है, लेकिन पुलिस पंजीकरण रजिस्टर और छात्रों के दस्तावेजों की जांच जारी रखेगी।
बता दें कि गुजरात एटीएस ने 9 नवंबर को अहमदाबाद के अडालज टोल प्लाजा के पास आजाद सुलेमान शेख (झिंझाना, शामली), मोहम्मद सुहेल (लखीमपुर खीरी) और डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद को हथियारों के साथ पकड़ा था। इनके पास से दो ग्लाक पिस्टल, एक बेरेटा पिस्टल, 30 कारतूस और चार लीटर कैस्टर ऑयल बरामद हुआ था। एटीएस ने दावा किया था कि आरोपित देश में बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।
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