मुजफ्फरनगर की हवा अब दिल्ली से भी ज़्यादा दूषित, एक्यूआई 313 पहुंचा

मुजफ्फरनगर। जिले की हवा सोमवार को इतनी दूषित हो गई कि प्रदूषण का स्तर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से भी आगे निकल गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) इस सीज़न में पहली बार 313 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
दिनभर आसमान में हल्के बादल छाए रहे और हवा में धूल-धुएं की परत तैरती रही। कई लोगों ने सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी शिकायतें कीं। डॉक्टरों का कहना है कि इन दिनों हवा में PM2.5 और PM10 कणों की मात्रा सामान्य सीमा से कई गुना बढ़ गई है, जो शरीर के लिए बेहद हानिकारक है।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण न केवल अस्थमा और फेफड़ों के रोगियों के लिए खतरनाक है, बल्कि स्वस्थ लोगों में भी खांसी, सीने में जकड़न और सांस की तकलीफ जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है।
उन्होंने सलाह दी कि सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें, भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से परहेज करें और बाहर निकलते वक्त एन-95 मास्क व चश्मे का इस्तेमाल जरूर करें।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले चार दिनों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे हवा का ठहराव बढ़ गया है और धूल के कण नीचे जमने लगे हैं।
| तिथि | अधिकतम तापमान (°C) |
|---|---|
| 27 अक्तूबर | 29.9 |
| 26 अक्तूबर | 30.6 |
| 25 अक्तूबर | 31.5 |
| 24 अक्तूबर | 31.7 |
ऐसे बढ़ा प्रदूषण स्तर
| तिथि | एक्यूआई (AQI) |
|---|---|
| 27 अक्तूबर | 313 |
| 26 अक्तूबर | 191 |
| 25 अक्तूबर | 205 |
| 24 अक्तूबर | 295 |
विशेषज्ञों की सलाह
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सुबह-शाम टहलने से बचें
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धूम्रपान न करें
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बच्चों और बुजुर्गों को घर के भीतर रखें
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अधिक पानी पिएं और पौष्टिक आहार लें
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