राजभवन गेट पर हमला करने वाले को एनआईए अदालत ने ठहराया दोषी, 10 साल की जेल

चेन्नई | तमिलनाडु की राजधानी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने राजभवन गेट के बाहर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में आरोपी करुक्का विनोद को 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने साथ ही 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला सोमवार, 12 नवंबर को सुनाया गया।
घटना 25 अक्तूबर 2023 की है, जब विनोद ने चेन्नई स्थित राजभवन के गेट नंबर 1 के बाहर दो पेट्रोल बम फेंके थे। यह वही गेट है, जिससे राज्यपाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रवेश करते हैं। बम वहीं फट गए, लेकिन सौभाग्य से कोई घायल नहीं हुआ।
मौके पर ही पकड़ा गया आरोपी
घटना के तुरंत बाद तैनात पुलिसकर्मियों ने विनोद को पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से दो और न फटे हुए पेट्रोल बम बरामद किए गए। इस घटना के बाद राजभवन प्रशासन ने कहा था कि कुछ असामाजिक तत्व राज्यपाल के आवास में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। मामला गंभीरता से लेते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी गई।
एनआईए की चार्जशीट में विस्तृत साजिश का जिक्र
जनवरी 2024 में एनआईए ने 680 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। एनआईए के विशेष लोक अभियोजक एन. भास्करन ने अदालत को बताया कि आरोपी ने यह हमला जानबूझकर किया ताकि राज्य में अराजकता और अस्थिरता फैलाई जा सके तथा महत्वपूर्ण नेताओं की सुरक्षा को खतरा हो।
अदालत ने माना अपराध साबित
एनआईए की जांच और पेश किए गए सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश एस. मलारविझी ने माना कि आरोपी का अपराध साबित हुआ है। अदालत ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, इसलिए कठोर सजा देना आवश्यक है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.