इलाज में लापरवाही से बिल्ली की मौत, नोएडा के पशु चिकित्सक पर 25 हजार जुर्माना

नोएडा में एक पालतू बिल्ली की मौत के मामले में उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने पशु चिकित्सक को लापरवाही का दोषी पाया है। आयोग ने डॉक्टर को निर्देश दिया है कि वह बिल्ली के मालिक को 25 हजार रुपये का मुआवजा 30 दिनों के भीतर अदा करें, अन्यथा राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
मामला नोएडा सेक्टर-105 निवासी तमन गुप्ता की शिकायत पर सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बिल्ली की नसबंदी के दौरान डॉक्टर ने आवश्यक चिकित्सकीय सावधानियां नहीं बरतीं, जिससे उसकी जान चली गई। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टर ने ब्लड टेस्ट रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई और सर्जरी के लिए 17,480 रुपये वसूले।
शिकायत के अनुसार, जनवरी 2024 में तमन की मां रेखा गुप्ता पहली बार बिल्ली को पेट वेल वेटनरी क्लिनिक लेकर गई थीं। जुलाई में डॉक्टर ने नसबंदी की सलाह दी, जिसके बाद बिल्ली की करीब 35 मिनट तक सर्जरी चली। ऑपरेशन के बाद बिल्ली करीब दो घंटे तक बेहोश रही। जब उसने होश नहीं पाया तो मालिक ने डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में उन्होंने बिल्ली का वीडियो डॉक्टर को भेजा, जिसके बाद उन्हें तुरंत क्लिनिक बुलाया गया।
तमन के अनुसार, आपातकालीन उपचार के बावजूद बिल्ली को नहीं बचाया जा सका। इसके बाद उन्होंने डॉक्टर सुरेश सिंह के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई और 15 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की, जिसमें मानसिक पीड़ा और कानूनी खर्च शामिल थे।
सुनवाई के दौरान डॉक्टर ने आयोग के नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। आयोग ने साक्ष्यों की समीक्षा के बाद पाया कि बिल्ली की सर्जरी उसके स्वास्थ्य की स्थिति को नज़रअंदाज करते हुए की गई थी और ब्लड रिपोर्ट भी मालिक से छिपाई गई। आयोग ने माना कि यह ‘सेवा में कमी’ का मामला है और डॉक्टर का यह रवैया पेशेवर लापरवाही के दायरे में आता है।
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