63 साल के हुए ओम बिरला: लगातार जीत और बेदाग राजनीतिक करियर की मिसाल

देश की लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला आज अपना 63वां जन्मदिन मना रहे हैं। राजस्थान के कोटा में एक साधारण परिवार में जन्में बिरला ने राजनीति में कदम रखने के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार चुनावी विजय और विनम्र व्यक्तित्व ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में एक मजबूत पहचान दिलाई है। जन्मदिन के अवसर पर आइए जानें उनके जीवन, शिक्षा और परिवार से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।
शिक्षा और शुरुआती जीवन
ओम बिरला ने अपनी स्कूली शिक्षा कोटा में पूरी की। इसके बाद उन्होंने राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय, कोटा और एमडीएस विश्वविद्यालय, अजमेर से एम.कॉम की डिग्री हासिल की। छात्र जीवन से ही नेतृत्व क्षमता दिखाते हुए वे 1979 में छात्र संघ अध्यक्ष बने, जहां से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ।
राजनीतिक करियर
बिरला ने पहली बार 2003 में कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता और राजस्थान की राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद 2008 और 2013 में भी वे लगातार विधायक चुने गए।
राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश करते हुए उन्होंने कोटा-बूंदी लोकसभा सीट से 16वीं, 17वीं और 18वीं लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की।
19 जून 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनके नाम का प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद ओम बिरला को सर्वसम्मति से 17वीं लोकसभा का अध्यक्ष चुना गया। वे वर्तमान में 18वीं लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में भी अपना दायित्व निभा रहे हैं।
परिवार
ओम बिरला के परिवार में उनकी पत्नी मिता बिरला और दो बेटियां हैं। मिता बिरला पेशे से डॉक्टर हैं और एमबीबीएस कर चुकी हैं। बड़ी बेटी आकांक्षा बिरला चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, वहीं छोटी बेटी अंजलि बिरला सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
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