भाजपा स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं के समर्पण को किया नमन

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनके समर्पण और संघर्ष को याद किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को मजबूत बनाने और देश की सेवा के लिए कार्यकर्ताओं ने हर दौर में कठिन परिस्थितियों का सामना किया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने आपातकाल के समय से लेकर कांग्रेस शासन के दौरान हुए दमन और कुछ राज्यों में राजनीतिक हिंसा तक कई चुनौतियों का सामना किया है। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का विश्वास और समर्पण कभी कमजोर नहीं पड़ा।
सरकार के प्रमुख फैसलों का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में सरकार की कई प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक दौर के कई पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया गया, लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए नया संसद भवन बनाया गया और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया। इसके अलावा तीन तलाक पर कानून, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण जैसे फैसलों को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
आगे के एजेंडे पर चर्चा
मोदी ने कहा कि भाजपा का मिशन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने समान नागरिक संहिता और “एक देश–एक चुनाव” जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इन विषयों पर देश में गंभीर चर्चा चल रही है और आने वाले समय में इन पर भी आगे बढ़ा जाएगा।
कार्यकर्ताओं के योगदान को किया याद
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता हमेशा जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने में आगे रहते हैं। कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी के लिए संघर्ष किया और कुछ ने तो अपने प्राणों की भी आहुति दी। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां राजनीतिक हिंसा के बावजूद कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष जारी रखा।
राजनीतिक यात्रा का जिक्र
अपने संबोधन में मोदी ने भाजपा के शुरुआती संघर्ष के दौर को भी याद किया। उन्होंने 1984 के आम चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की थी, लेकिन धीरे-धीरे जनता का भरोसा भाजपा की ओर बढ़ा और पार्टी ने मजबूत संगठन के दम पर अपनी जगह बनाई।
विचारधारा और संगठन की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय राजनीति में दो अलग-अलग विचारधाराएं सामने आईं—एक सत्ता केंद्रित राजनीति और दूसरी सेवा भाव से प्रेरित राजनीति। उनके अनुसार भाजपा ने हमेशा सेवा को प्राथमिकता दी है।
आरएसएस से प्रेरणा
मोदी ने कहा कि भाजपा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संगठन और सेवा की प्रेरणा मिली है। इसी विचारधारा के आधार पर पार्टी ने वर्षों में एक मजबूत और समर्पित कार्यकर्ता आधार तैयार किया है, जो सिद्धांतों और मूल्यों के साथ काम करता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का यह कैडर देश सेवा को अपना उद्देश्य मानकर काम करता है और किसी भी परिस्थिति में अपने मूल्यों से समझौता नहीं करता।
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