लाल परेड ग्राउंड में फहरा तिरंगा, सीएम मोहन यादव ने गिनाईं सरकार की योजनाएं और उपलब्धियां

HIGHLIGHTS
- भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में सीएम मोहन यादव ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली।
- परेड में पुलिस बैंड समेत कुल 22 टुकड़ियों ने हिस्सा लिया।
- सरकार हर साल एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर देगी।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को पूरा मध्यप्रदेश देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। जगह-जगह तिरंगा लहराया और देशभक्ति गीतों ने युवाओं में उत्साह भर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया।
ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का गायन हुआ और इसके बाद राष्ट्रगान जन-गण-मन की धुन बजाई गई। मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। परेड के दौरान सशस्त्र दलों ने हर्ष फायर किया, जबकि पुलिस बैंड ने देशभक्ति गीतों की धुनें प्रस्तुत कीं। परेड में पुलिस बैंड सहित कुल 22 टुकड़ियों ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री यादव ने प्रदेश के नाम अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता, किसान, खेत, निवेश, शिक्षा, युवा, वन, धर्म-संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों का जिक्र किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर युवाओं, किसानों, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और रोजगार को लेकर कई घोषणाएं भी कीं।
हर साल एक लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवा में नियुक्ति की है। आने वाले समय में हर वर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि अगले एक वर्ष में एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई में प्रवेश दिलाने और हर साल 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में अलग से प्लेसमेंट सेल बनाया जाएगा, जो उद्योगों और युवाओं के बीच समन्वय का काम करेगा।
2027 को बनाया जाएगा 'युवा वर्ष'
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2025 को निवेश और रोजगार वर्ष तथा 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने के बाद अब वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि युवाओं के समग्र विकास के लिए शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, रोजगार, स्टार्टअप, खेल और नेतृत्व क्षमता जैसे सात प्रमुख क्षेत्रों पर काम किया जाएगा।
जन विश्वास अभियान और मिशन GYANII पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का भरोसा ही सुशासन की सबसे बड़ी ताकत है। जनकल्याण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनविश्वास और जनसंवाद जरूरी हैं। इसी सोच के साथ 7 अगस्त 2026 से 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि अभियान का नारा 'न देरी, न दूरी' है और इसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान करना है। अभियान का पहला चरण 8 जनवरी 2027 तक चलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने 4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जो पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश त्रिवर्षीय रोलिंग बजट लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'GYAN' यानी गरीब, युवा, नारी और किसान मंत्र को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने इसमें उद्योग और बुनियादी ढांचे को जोड़कर 'GYANII' मॉडल तैयार किया है।
हर जिले में बनेगा एमएसएमई पार्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक एमएसएमई पार्क स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा 10 नए एमएसएमई क्लस्टर भी विकसित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि भोपाल में इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए 30 करोड़ रुपये की लागत से नए केंद्र की स्थापना की जा रही है। प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या बढ़ाकर 12 हजार से अधिक करने और 100 नए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
मरीजों की जांच होगी पेपरलेस
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि 1 नवंबर 2026 से प्रदेश में मरीजों की जांच को पूरी तरह पेपरलेस बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मरीजों की सभी जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखी जाएगी। जांच के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की ऑनलाइन सलाह भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले तीन महीनों में एक हजार नए डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। अगले छह महीनों में एक हजार और डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक और चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद मध्य प्रदेश में चिकित्सा विश्वविद्यालयों की संख्या दो हो जाएगी।
किसान कल्याण पर भी रहा जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए 'कवच योजना' लागू कर चुकी है।
उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं के लिए कृषि भूमि के अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना मुआवजा देने का फैसला भी लागू कर दिया गया है।
प्रदेश के हर जिले को बनाया जाएगा निर्यात केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक जिले को निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए सभी 55 जिलों की निर्यात कार्य योजनाएं तैयार कर ली गई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 2027 में फिर से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा।
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