पांच दिन में पांच लाख से अधिक ने किए रामलला के दर्शन, दमकी अर्थव्यवस्था...चमका कारोबार

HIGHLIGHTS
- अयोध्या में दीपोत्सव ने भक्ति, भव्यता और विकास का ऐसा अनूठा मिश्रण पेश किया कि न केवल श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊँचाई मिली।
- पांच दिनों के इस आयोजन में रामलला के दर्शन के लिए लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं ने अयोध्या का रुख किया।
- अर्थव्यवस्था में बढ़त 16 अक्टूबर से 22 अक्टूबर के बीच शहर में करीब आठ लाख श्रद्धालु आए।
- इस दौरान होटल और रेस्टोरेंट 90 फीसदी तक भर गए।
- जलपान, प्रसाद सामग्री, राम नामी और फोटो विक्रेताओं को जबरदस्त बिक्री मिली।
- अनुमान है कि दीपोत्स…
अयोध्या में दीपोत्सव ने भक्ति, भव्यता और विकास का ऐसा अनूठा मिश्रण पेश किया कि न केवल श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊँचाई मिली। पांच दिनों के इस आयोजन में रामलला के दर्शन के लिए लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं ने अयोध्या का रुख किया।
अर्थव्यवस्था में बढ़त
16 अक्टूबर से 22 अक्टूबर के बीच शहर में करीब आठ लाख श्रद्धालु आए। इस दौरान होटल और रेस्टोरेंट 90 फीसदी तक भर गए। जलपान, प्रसाद सामग्री, राम नामी और फोटो विक्रेताओं को जबरदस्त बिक्री मिली। अनुमान है कि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या की अर्थव्यवस्था में लगभग पांच करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
व्यापारी नेता पंकज गुप्ता ने बताया कि दीपोत्सव ने स्थानीय व्यापारियों को तीन गुना अधिक लाभ पहुंचाया। राम की पैड़ी के पास नींबू की चाय बेच रहे फेरीवाले ने कहा कि वह अब रोजाना लगभग दो हजार चाय बेच रहे थे, जबकि आम दिनों में यह संख्या केवल 50 होती थी।
विदेशी पर्यटकों की भागीदारी
इस साल दीपोत्सव में कई देशों से पर्यटक अयोध्या पहुंचे। गाइड अभिषेक के अनुसार अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, कनाडा, नीदरलैंड, फिजी, श्रीलंका, इंडोनेशिया, रूस और थाईलैंड से करीब 100 विदेशी श्रद्धालु आए। उन्होंने रामलला, हनुमानगढ़ी और अन्य धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया और श्रीराम की तस्वीरों व प्रसाद की खरीदारी की।
छोटे व्यवसायियों को बड़ी सफलता
अर्थशास्त्री प्रो. विनोद श्रीवास्तव के अनुसार दीपोत्सव में हुई बिक्री ने अयोध्या की अर्थव्यवस्था को बूम दिया। बिड़ला धर्मशाला के पास चंदन बेचने वाले अनिल पांडेय ने बताया कि उन्हें रोजाना चार से पांच हजार रुपये की आय हुई, जबकि सामान्य दिनों में यह मात्र 500 रुपये होती थी। दीया बनाने वाले कुम्हारों और प्रसाद व्यवसायियों को भी शानदार लाभ मिला।
श्रद्धालुओं की संख्या
उत्तरप्रदेश-उत्तराखंड इकोनॉमिक एसोसिएशन के सर्वे के अनुसार, दीपोत्सव के दौरान रोजाना सवा लाख से डेढ़ लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट 90 फीसदी तक भरे रहे। पूजा सामग्री और फूल-मालाओं की बिक्री से लगभग पांच करोड़ रुपये की आय हुई।
दैनिक दर्शनार्थियों का विवरण:
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18 अक्टूबर – 85,430
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19 अक्टूबर – 90,765
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20 अक्टूबर – 1,17,698
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21 अक्टूबर – 1,05,430
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22 अक्टूबर – 1,14,232
दीपोत्सव ने न केवल अयोध्या को भव्यता का नया रूप दिया, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और छोटे उद्योगों के लिए भी मुनाफे का सुनहरा अवसर बनाया।
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