दो भारतीय अब भी लापता, यूक्रेन में जहाज पर हमले को लेकर विदेश मंत्रालय सख्त

HIGHLIGHTS
- जहाज पर सवार चार भारतीयों में से दो सुरक्षित बताए गए हैं।
- भारतीय दूतावास लापता नागरिकों के परिवारों को लगातार सहायता दे रहे हैं।
- विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान, व्यापार समझौते और बांग्लादेश से जुड़े मुद्दों पर भी जानकारी दी।
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए जहाज एजीएन राग्नार पर हुए हमले के बाद लापता हुए दो भारतीय नागरिकों की तलाश अभी भी जारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि जहाज पर कुल चार भारतीय नागरिक मौजूद थे, जिनमें से दो सुरक्षित हैं, जबकि दो अब तक लापता हैं।
उन्होंने कहा कि घटना के बाद यूक्रेन और रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं। लापता भारतीय नागरिकों की तलाश के लिए खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। भारत सरकार दोनों नागरिकों का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारतीय दूतावास लापता नागरिकों के परिवारों के संपर्क में हैं और उन्हें हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और रोमानिया के अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर बचाव अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है। दोनों भारतीयों का पता चलने तक सभी आवश्यक प्रयास जारी रहेंगे।
पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर पर भारत का रुख
विदेश मंत्रालय ने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को एक बार फिर कड़ा संदेश दिया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सभी देशों से आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने की अपील करता है। उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान से अपनी जमीन पर मौजूद आतंकी ढांचे को पूरी तरह खत्म करने को कहा।
उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हो रहे दूसरे चरण के स्थानीय चुनावों को भी दिखावा बताया। उनके अनुसार, वहां लोग विरोध कर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान दमन, गोलीबारी, ब्लैकआउट और भय के माहौल के जरिए चुनावों को वैधता देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जून से अब तक कम से कम 90 नागरिकों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हुए हैं।
व्यापार समझौते और बांग्लादेश को लेकर जानकारी
विदेश मंत्रालय ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बताया कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है। हालांकि कुछ मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है और दोनों देश इस दिशा में काम कर रहे हैं।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा कि फरवरी 2026 में पद संभालने के बाद उन्हें भारत आने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया था। इसके अलावा बिम्सटेक के अध्यक्ष के तौर पर भारत ने उन्हें नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भी आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि यह ब्रिक्स की सामान्य प्रक्रिया के तहत किया गया है।
म्यांमार सीमा और शेख हसीना के कार्यक्रम पर विदेश मंत्रालय का जवाब
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और म्यांमार के बीच कुछ सीमाई हिस्सों का निर्धारण अभी बाकी है और इस संबंध में दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।
वहीं, 5 अगस्त को नई दिल्ली में एक निजी मीडिया संस्था के कार्यक्रम में शेख हसीना के प्रस्तावित संबोधन को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह पूरी तरह निजी कार्यक्रम है। सरकार का इससे कोई संबंध नहीं है और न ही वह वहां दिए जाने वाले विचारों का समर्थन करती है।
विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े सभी मामलों पर लगातार सक्रिय है।
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