लातूर चुनावी रैली में ओवैसी का बयान: अनैतिक पैसा मिले तो जनहित में लगाओ

लातूर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने लातूर नगर निगम चुनाव के लिए आयोजित जनसभा में सत्ताधारी और विपक्षी दलों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव के दौरान मतदाताओं को अनैतिक तरीके से पैसा दिया जा रहा है, तो लोग उसे स्वीकार करें और जनहित के कामों, जैसे शौचालय निर्माण, में उसका उपयोग करें।
सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना की और वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब से AIMIM ने चुनावी मैदान में कदम रखा है, तभी से विरोधी दलों ने वोटरों को पैसे बांटना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह का धन किसी को गलत या ‘हराम’ लगता है, तो उसे सामाजिक जरूरतों पर खर्च किया जाना चाहिए।
ओवैसी ने मुसलमानों से संगठित और मजबूत राजनीतिक नेतृत्व खड़ा करने की अपील करते हुए कहा कि देश में लगभग हर समुदाय के पास राजनीतिक प्रभाव है, लेकिन अल्पसंख्यक अब भी इससे वंचित हैं। उन्होंने कहा कि दलित और मुसलमान बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर हैं, फिर भी विकास योजनाओं का लाभ उनके इलाकों तक नहीं पहुंच रहा है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए AIMIM प्रमुख ने कहा कि पार्टी राष्ट्रवाद की बातें तो करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं और युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मुद्दों के बजाय ‘लव जिहाद’ जैसे विषयों को आगे बढ़ा रही है।
ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर चुप्पी साधने का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की ‘माझी लड़की बहिन’ योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस योजना के लाभार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है। उन्होंने पूछा कि सरकार द्वारा लिए गए 9.30 लाख करोड़ रुपये के कर्ज की भरपाई आखिर कौन करेगा।
उप मुख्यमंत्री अजित पवार पर कटाक्ष करते हुए ओवैसी ने कहा कि जो व्यक्ति अपने चाचा शरद पवार के साथ नहीं रहा, वह लातूर के हितों का रक्षक कैसे बनेगा।
वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर ओवैसी ने आरोप लगाया कि इसका दुरुपयोग मस्जिदों को सील करने और सदियों पुरानी दरगाहों के स्वामित्व पर सवाल उठाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संशोधित कानून के तहत गैर-मुसलमान वक्फ बोर्ड के सदस्य बन सकते हैं, लेकिन मुसलमानों को हिंदू ट्रस्ट बोर्ड में ऐसी ही भागीदारी नहीं मिलती। उन्होंने पूछा कि जब यह विधेयक पारित हुआ, तब अजित पवार की भूमिका क्या थी।
हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने 2006 मुंबई ट्रेन बम धमाकों के एक दोषी की जेल में हुई मौत पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस घटना में 185 लोगों की जान गई थी और 11 मुस्लिम आरोपियों ने करीब 19 साल जेल में बिताए, लेकिन जेल में एक कैदी की मौत किन हालात में हुई, इस पर कभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि पार्टी ने महाराष्ट्र और लातूर में लंबे समय तक शासन किया, इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में मानसून के दौरान जलभराव और पेयजल संकट जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। उनका कहना था कि विलासराव देशमुख के दो कार्यकाल के बावजूद लातूर में ठोस विकास नजर नहीं आता, जो उपेक्षा और भेदभाव को दर्शाता है।
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