बंगाल-असम चुनाव नतीजों पर राहुल गांधी का हमला, बोले- “जनादेश की चोरी”

पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों के नतीजों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भाजपा की जीत को “जनादेश की चोरी” बताते हुए कहा कि यह देश के लोकतंत्र को कमजोर करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। साथ ही, बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार पर अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा खुशी जताने पर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
राहुल गांधी ने कहा कि इस मुद्दे को छोटी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उनके अनुसार, यह किसी एक दल की हार-जीत का सवाल नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि असम और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों में चुनाव परिणामों को प्रभावित किया गया है और इसमें चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा कि वह ममता बनर्जी के आरोपों से सहमत हैं और दावा किया कि बंगाल में बड़ी संख्या में सीटों पर जनादेश बदला गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के हालात पहले मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और 2024 के लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिले हैं।
बंगाल में किसकी बनी सरकार
294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में बहुमत के लिए 196 सीटों की जरूरत होती है। चुनाव आयोग ने 293 सीटों के नतीजे घोषित कर दिए हैं, जिनमें भाजपा ने 206 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस 81 सीटों पर सिमट गई। दक्षिण 24 परगना जिले की फालता सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया जाएगा और 24 मई को परिणाम घोषित होंगे।
ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से हार
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से 15 हजार से अधिक वोटों से हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में कांग्रेस को केवल दो सीटें मिलीं, जबकि माकपा एक सीट ही जीत सकी। अन्य छोटे दलों में एआईएसएफ को एक और आम जनता उन्नयन पार्टी को दो सीटें हासिल हुईं।
कई जिलों में टीएमसी का खराब प्रदर्शन
तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन कई जिलों में बेहद कमजोर रहा। कूच बिहार, पूर्वी मेदनीपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग समेत करीब दस जिलों में पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई। इसके अलावा आदिवासी और मतुआ बहुल क्षेत्रों में भी उसे हार का सामना करना पड़ा।
असम में भी भाजपा गठबंधन की बढ़त
असम में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया। भाजपा ने यहां 82 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस 19 सीटों पर सिमट गई, जिससे राज्य में उसकी स्थिति कमजोर हो गई है।
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