राजा भैया की पत्नी की अर्जी पर MLC अक्षय प्रताप सिंह समेत अन्य पर FIR के आदेश

लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह की याचिका पर एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह और अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। विशेष एसीजेएम आलोक वर्मा ने यह निर्देश देते हुए हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर को मामले की जांच सौंप दी है। आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और कंपनी की संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है।
क्या हैं आरोप?
भानवी सिंह की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया कि 10 फरवरी 2014 को अक्षय प्रताप सिंह और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक साझेदारी फर्म का पंजीकरण कराया गया था। इस फर्म में करोड़ों रुपये का निवेश किया गया, जिसके बाद इसके नाम पर कई चल और अचल संपत्तियां खरीदी गईं। इन संपत्तियों की कीमत पांच करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
अर्जी में आरोप लगाया गया है कि फर्म की संपत्तियों पर कब्जा करने की नीयत से पंजीकरण रिकॉर्ड में हेरफेर की गई। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार कर भानवी सिंह के जाली हस्ताक्षर किए गए। यह भी आरोप है कि फर्म का पंजीकृत पता बदलकर लखनऊ स्थित अक्षय प्रताप सिंह के निजी आवास पर दर्ज करा लिया गया।
पहले परिवाद के रूप में दर्ज हुई थी अर्जी
इस मामले में पहले निचली अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने के बजाय याचिका को परिवाद के रूप में दर्ज करने को कहा था। इसके बाद भानवी सिंह ने सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल की।
हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत
सत्र न्यायालय ने निचली अदालत का आदेश रद्द करते हुए दोबारा सुनवाई के निर्देश दिए थे। इसके खिलाफ अक्षय प्रताप सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन 26 मार्च को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
अब दर्ज होगा केस
हाईकोर्ट के फैसले के बाद विशेष एसीजेएम कोर्ट ने अक्षय प्रताप सिंह, रोहित कुमार सिंह, अनिल सिंह, रामदेव यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू करने का आदेश दिया है।
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