गुरुग्राम में शुरू हुआ रियल-टाइम ट्रैफिक अलर्ट सिस्टम, ड्राइवरों को मिलेगी एक्सीडेंट जोन की चेतावनी

गुरुग्राम। अगर आप रोजाना गुरुग्राम की सड़कों पर सफर करते हैं, तो अब आपकी यात्रा और सुरक्षित होने वाली है। गुरुग्राम पुलिस और गूगल मैप्स ने मिलकर शहर में रियल-टाइम ट्रैफिक अलर्ट सिस्टम शुरू किया है, जो ड्राइवरों को पहले से चेतावनी देगा कि वे किसी दुर्घटना-प्रवण या खतरनाक क्षेत्र के पास पहुंच रहे हैं।
129 किलोमीटर सड़कों पर लागू
यह डिजिटल नेविगेशन सेवा फिलहाल शहर की 129 किलोमीटर लंबी प्रमुख सड़कों पर शुरू की गई है। सिस्टम ड्राइवर को अलर्ट करेगा और साथ ही स्क्रीन पर स्पीड लिमिट भी दिखाएगा, ताकि वाहन चालक निर्धारित सीमा में ही गाड़ी चलाएं।
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस के डीसीपी राजेश मोहन ने बताया, "अक्सर हादसे तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण होते हैं। कम स्पीड पर होने वाले हादसों में जान बचने की संभावना ज्यादा रहती है। हमारा उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना और ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता फैलाना है।"
2026 तक विस्तार, 200 से अधिक सड़कों पर अलर्ट
पुलिस ने कहा कि अगले साल की शुरुआत तक यह हाई-टेक अलर्ट सिस्टम शहर की 200 से अधिक सड़कों और प्रमुख जंक्शनों पर लागू कर दिया जाएगा। इससे गुरुग्राम पूरी तरह डिजिटल ट्रैफिक सुरक्षा नेटवर्क के दायरे में आ जाएगा।
खतरनाक रास्तों की पहचान
गुरुग्राम पुलिस ने हादसों के हिसाब से जोखिम भरे इलाकों की पहचान की है। इन सड़कों पर गूगल मैप्स पर वर्चुअल वार्निंग मार्कर दिखाई देंगे। प्रमुख मार्ग हैं:
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एनएच-48 (दिल्ली-जयपुर हाईवे)
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द्वारका एक्सप्रेसवे
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सोहना रोड
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गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड
सड़क सुरक्षा में डिजिटल तकनीक की अहम भूमिका
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में अब तक गुरुग्राम में 345 लोग सड़क हादसों में मारे जा चुके हैं और 580 से अधिक घायल हुए हैं। इस पहल से गुरुग्राम देश का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां पुलिस और डिजिटल तकनीक मिलकर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस सिस्टम के जरिए आने वाले समय में हादसों में कमी लाने में मदद मिलेगी।
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