इंडिया गठबंधन में दरार! डीएमके ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

चेन्नई। देश की सियासत में चल रही हलचल के बीच इंडिया गठबंधन के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। तमिलनाडु में डीएमके ने अपने पूर्व सहयोगी कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा राजनीतिक हमला बोला है।
डीएमके ने राहुल गांधी को लेकर बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि उनकी राजनीति ने विपक्षी एकता को कमजोर करने का काम किया है। यह बयान पार्टी की आईटी विंग और आधिकारिक अखबार ‘मुरासोली’ के जरिए सामने आया है।
“संकट में साथ दिया, बाद में दूरी बना ली” – डीएमके
डीएमके की आईटी विंग ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि जब कांग्रेस कठिन राजनीतिक दौर से गुजर रही थी, तब डीएमके ने उसका समर्थन किया, लेकिन बाद में कांग्रेस ने सहयोगियों को नजरअंदाज कर नया राजनीतिक रास्ता चुन लिया। पोस्ट में राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें “बड़ा मजाक” तक कहा गया।
‘मुरासोली’ के संपादकीय में भी निशाना
डीएमके के मुखपत्र ‘मुरासोली’ में प्रकाशित संपादकीय में भी राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका और रणनीति पर सवाल उठाए गए हैं। लेख में कहा गया कि राहुल गांधी एक तरफ विपक्षी एकता की बात करते हैं, जबकि दूसरी तरफ विभिन्न राज्यों में सहयोगी दलों के साथ संबंधों में तनाव पैदा हो रहा है।
संपादकीय में केरल का उदाहरण देते हुए दावा किया गया कि चुनावी दौर में राहुल गांधी द्वारा केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ दिए गए बयान से वाम दलों में नाराजगी बढ़ी है, और यह सवाल उठता है कि कांग्रेस का वास्तविक मुकाबला किससे है—बीजेपी से या अपने सहयोगियों से।
तमिलनाडु चुनाव के बाद बढ़ा तनाव
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद बदले राजनीतिक समीकरण बताए जा रहे हैं। डीएमके का आरोप है कि चुनाव में कांग्रेस ने गठबंधन के साथ रहते हुए सीटें हासिल कीं, लेकिन बाद में उसने अलग राजनीतिक दिशा अपनाई और नए गठबंधनों के साथ जुड़ने की कोशिश की।
इसी घटनाक्रम को डीएमके ने “विश्वासघात” करार दिया है, जिसके बाद उसने राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस द्वारा बुलाई गई INDIA गठबंधन की बैठकों से दूरी बना ली है।
गठबंधन में दरार गहराई
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद सिर्फ राज्य स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर भी असर पड़ सकता है। आने वाले समय में इंडिया गठबंधन के भीतर यह तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
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