चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगी लगाम, यूपी में थोक भाव 200-300 रुपये प्रति क्विंटल घटे

HIGHLIGHTS
- चीनी मिलों और स्टॉकिस्टों के यहां जांच शुरू
- दो दिन में थोक भाव में 2-3 रुपये प्रति किलो की कमी
- यूपी की चीनी मिलों में करीब 180 लाख क्विंटल स्टॉक
यूपी: प्रदेश में चीनी की कीमतों में अब कमी आनी शुरू हो गई है। सीएम योगी की सख्त अपील और निर्यात नियमों में ढील के बाद यह बदलाव देखने को मिल रहा है। जानकारों के मुताबिक, जल्द ही चीनी के दाम सामान्य स्तर पर आ सकते हैं।
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कम उत्पादन के साथ कालाबाजारी को भी बड़ी वजह माना जा रहा है। महाराष्ट्र और कोलकाता से मांग बढ़ने के बाद बाजार में कालाबाजारी बढ़ गई। इसके बाद यूपी सरकार ने सख्ती करते हुए चीनी मिलों और स्टॉकिस्टों के यहां जांच शुरू की। इसके दो दिन के भीतर ही प्रदेश में थोक कीमतों में 200-300 रुपये प्रति क्विंटल की कमी आ गई। यानी चीनी के दाम 2-3 रुपये प्रति किलो तक घटे हैं।
चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के अनुसार, प्रदेश की चीनी मिलों में करीब 180 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक मौजूद है। प्रदेश में हर महीने लगभग 40 लाख क्विंटल चीनी की खपत होती है। विभाग का कहना है कि नए पेराई सत्र के नवंबर तक चीनी की कमी नहीं होगी।
महाराष्ट्र और कोलकाता से बढ़ी थी मांग
विभागीय सूत्रों के अनुसार, करीब एक महीने पहले महाराष्ट्र में चीनी की कमी होने के बाद वहां और कोलकाता के बड़े स्टॉकिस्ट व डीलरों ने उत्तर प्रदेश से चीनी खरीदना शुरू किया था। बड़े खरीदारों ने मिलों में 4000-5000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद के टेंडर डाले।
अचानक बढ़ी मांग और नए ऑर्डर मिलने के बाद चीनी मिलों ने भी कीमतें बढ़ा दीं। 22 अगस्त को जिन मिलों में चीनी का भाव 5100 रुपये प्रति क्विंटल था, वहां 23 अगस्त तक कीमत करीब 4800 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।
बिचौलियों ने कमाया 1000-1500 रुपये तक मुनाफा
मिल से चीनी उठने के बाद ग्राहक तक पहुंचने में कीमत में केवल 5-6 रुपये प्रति किलो का अंतर आता है। हालांकि, एक महीने के दौरान मिलों ने प्रति क्विंटल 600-700 रुपये तक अतिरिक्त कमाई की। वहीं बिचौलियों ने 1000-1500 रुपये प्रति क्विंटल तक मुनाफा कमाया। इसी वजह से अब अभियान चलाया जा रहा है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी 140 करोड़ देशवासियों का पेट भरने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है। यूपी में एक महीने में करीब 4 लाख टन चीनी की खपत होती है, जबकि प्रदेश के पास 28 लाख टन चीनी यानी सात महीने का स्टॉक मौजूद है। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू होगा और इसके बाद 90 लाख टन चीनी का अतिरिक्त उत्पादन होगा।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.