अमेजन पर ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम से मिठाई बेचने पर 1 लाख का जुर्माना

HIGHLIGHTS
- सीसीपीए ने अमेजन सेलर सर्विसेज पर कार्रवाई की
- संबंधित उत्पादों के लिए ट्रस्ट की अनुमति का प्रमाण नहीं मिला
- कारण बताओ नोटिस के बाद अमेजन ने लिस्टिंग हटा दी थी
नई दिल्ली। अमेजन को श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद के नाम से सामान्य मिठाइयों की बिक्री की अनुमति देना भारी पड़ गया। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी सीसीपीए ने अमेजन सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने इसे भ्रामक विज्ञापन और उपभोक्ताओं को गुमराह करने का मामला माना है। सीसीपीए के अनुसार, इस नाम से बेचे जा रहे उत्पादों के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से अनुमति मिलने का कोई प्रमाण नहीं था।
प्रसाद के नाम पर सामान्य मिठाइयों की बिक्री
सीसीपीए ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अनुमति के बिना सामान्य मिठाइयों के लिए श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद नाम का इस्तेमाल करना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत भ्रामक व्यापारिक व्यवहार है। प्राधिकरण के मुताबिक, इससे करोड़ों उपभोक्ताओं की धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं।
सीसीपीए ने कहा कि अमेजन जैसे बड़े और व्यापक पहुंच वाले प्लेटफॉर्म पर इस तरह की लिस्टिंग होने से आम उपभोक्ताओं को इन उत्पादों की वैधता और प्रामाणिकता पर भरोसा हो सकता है। इससे भ्रामक दावे का प्रभाव और बढ़ जाता है।
प्राधिकरण ने इन लिस्टिंग के समय को लेकर भी चिंता जताई। सीसीपीए के अनुसार, श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद होने का दावा करने वाले उत्पाद 22 जनवरी 2024 को श्री राम मंदिर, अयोध्या की प्राण प्रतिष्ठा से पहले अमेजन के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट किए गए थे। यह आयोजन समकालीन भारत के महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से प्रतीक्षित धार्मिक आयोजनों में से एक था।
सीसीपीए ने 19 जनवरी 2024 को अमेजन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस मिलने के बाद अमेजन ने संबंधित लिस्टिंग हटा दी थी। बाद में अमेजन ने अपनी भूमिका को एक मध्यस्थ के तौर पर बताया, लेकिन प्राधिकरण ने माना कि ऐसी लिस्टिंग को रोकने के लिए प्लेटफॉर्म को पहले से उचित कदम उठाने चाहिए थे।
अमेजन पर क्यों लगा जुर्माना?
सीसीपीए ने कहा कि अमेजन भारत के सबसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में से एक है और इसकी पहुंच करोड़ों उपभोक्ताओं तक है। ऐसे बड़े प्लेटफॉर्म पर किसी उत्पाद की लिस्टिंग होने से आम ग्राहक के मन में उसकी विश्वसनीयता बढ़ सकती है। प्राधिकरण के मुताबिक, संबंधित लिस्टिंग पूरे देश में डिलीवरी के लिए उपलब्ध थीं।
इनमें से एक विक्रेता चंदू ट्रेडिंग कंपनी की लिस्टिंग से 25,26,309 रुपये की सकल बिक्री हुई थी। वहीं, अमेजन को अपने सामान्य मार्केटप्लेस संचालन के तहत कमीशन या शुल्क से आय भी हुई।
सीसीपीए ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और ई-कॉमर्स नियम, 2020 के प्रावधानों के तहत अमेजन को भ्रामक विज्ञापन के लिए जिम्मेदार माना। इसके बाद अमेजन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्राधिकरण ने अमेजन को 15 दिनों के भीतर यह राशि सीसीपीए के पास जमा करने का आदेश दिया है।
धार्मिक प्रसाद की लिस्टिंग पर अब सख्ती
सीसीपीए ने अमेजन को निर्देश दिया है कि किसी धार्मिक संस्था या प्रमुख मंदिर से जुड़े प्रसाद, प्रसादम, महाप्रसाद, भोग या इसी तरह के धार्मिक उत्पाद को संबंधित संस्था की सत्यापित अनुमति के बिना प्लेटफॉर्म पर लिस्ट, विज्ञापित या बिक्री के लिए उपलब्ध न कराया जाए।
फिलहाल इस व्यवस्था में श्री राम जन्मभूमि मंदिर, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम, श्री माता वैष्णो देवी मंदिर, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, श्री जगन्नाथ मंदिर, श्री केदारनाथ मंदिर, श्री बद्रीनाथ मंदिर, श्री सोमनाथ मंदिर, श्री द्वारकाधीश मंदिर और श्री महाकालेश्वर मंदिर समेत 10 प्रमुख धार्मिक संस्थान शामिल हैं।
इसके अलावा अमेजन को विक्रेता का पूरा विवरण, पता, ग्राहक सेवा नंबर और शिकायत अधिकारी की जानकारी प्रमुखता से दिखाने के लिए कहा गया है।
प्राधिकरण ने 28 मई 2026 को अमेजन की ओर से प्रस्तावित जांच व्यवस्था को मजबूत करने का भी निर्देश दिया है। इसमें की-वर्ड के आधार पर ऐसी लिस्टिंग की पहचान करने और उन्हें हटाने की व्यवस्था शामिल है। सीसीपीए तीन से चार महीने बाद इस व्यवस्था के पालन और प्रभावशीलता की समीक्षा भी कर सकता है।
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