रेल और सड़क परियोजनाओं के लिए 13,041 करोड़ रुपये की मंजूरी, मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला

HIGHLIGHTS
- पूर्वी और दक्षिणी भारत में रेल नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर
- खड़गपुर-भद्रक और भद्रक-हरिदासपुर रेल लाइन को मंजूरी
- गुम्मडिपूंडी-गुडूर के बीच तीसरी और चौथी लाइन बनेगी
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में रेल और सड़क परियोजनाओं के लिए 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की नई मंजूरियां दी हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से देश के महत्वपूर्ण हिस्सों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
क्या हैं प्रमुख रेल परियोजनाएं?
सरकार ने देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में रेल नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है। विभिन्न रेल लाइनों के दोहरीकरण और चौगुनीकरण से माल ढुलाई और यात्री ट्रेनों की आवाजाही में तेजी आएगी। इससे यात्रा का समय कम होने के साथ रेल नेटवर्क की क्षमता भी बढ़ेगी।
- खड़गपुर-भद्रक (रणिताल) चौथी लाइन: इस परियोजना पर 3,352 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन: इस लाइन के विस्तार पर 1,583 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
- गुम्मडिपूंडी-गुडूर तीसरी और चौथी लाइन: दक्षिण भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए इस परियोजना में 2,229 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
- कटक-पारादीप तीसरी और चौथी लाइन: इस महत्वपूर्ण परियोजना को 2,286 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। यह ओडिशा के औद्योगिक और बंदरगाह क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है।
सड़क मार्ग पर भी बड़ा निवेश
रेलवे के साथ सरकार ने सड़क बुनियादी ढांचे को भी प्राथमिकता दी है। बिहार में मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक चार-लेन राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर 3,591 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर होगा और व्यापार तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
कुल निवेश और इसका महत्व
रेल और सड़क से जुड़ी इन सभी परियोजनाओं पर कुल 13,041 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। इस निवेश से देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ रोजगार के अवसर पैदा होने और औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
यह कदम ‘गति शक्ति’ जैसे राष्ट्रीय अवसंरचना मास्टर प्लान के अनुरूप है। इसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना और देश की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है।
आगे क्या?
इन परियोजनाओं से देश के आर्थिक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार होने की उम्मीद है। परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से माल और यात्रियों की आवाजाही आसान होगी और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को इसका लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य बुनियादी ढांचे के माध्यम से देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.