राहुल गांधी से मुलाकात के मुद्दे पर संजय राउत ने की थी CJI की आलोचना, अब सुप्रीम कोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी से मुलाकात न होने पर संजय राउत ने की थी CJI की आलोचना, अब सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
- CJI पर टिप्पणी को लेकर संजय राउत से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण, सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्देश
- संजय राउत के आचरण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अगली सुनवाई में मांगा जाएगा जवाब
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर दायर याचिका पर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नोटिस जारी किया है। यह याचिका राहुल गांधी, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत और 11 अन्य लोगों की ओर से दायर की गई है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने गुरुवार को कहा कि फिलहाल वह संजय राउत की ओर से दायर याचिका पर विचार कर रही है। हालांकि, इसके लिए राउत को अपने आचरण के संबंध में स्पष्टीकरण देना होगा।
पीठ ने अपने आदेश में क्या कहा?
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि WP (C) नंबर 1351/2026 में याचिकाकर्ता नंबर 6 संजय राउत की ओर से दायर याचिका को फिलहाल स्वीकार किया जा रहा है। हालांकि, उन्हें अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देना होगा।
सीजेआई ने कही सख्त बात
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि अगली सुनवाई की तारीख पर याचिकाकर्ताओं में से एक से उनके आचरण के बारे में सवाल किया जाएगा।
इससे पहले भी सीजेआई ने उस समय कड़ी टिप्पणी की थी, जब कुछ वकीलों ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश की है।
सीजेआई ने कहा, "कोई भी हमें (न्यायपालिका को) डरा-धमका नहीं सकता।" उन्होंने आगे कहा, "हम कोई अलग-थलग दुनिया में नहीं बैठे हैं। हमें पता है कि वे बाहर क्या बयान दे रहे हैं और अदालत में क्या कह रहे हैं। हमें सब कुछ पता है।"
क्या संजय राउत ने सीजेआई की आलोचना की थी?
हाल ही में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि संजय राउत ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिलने से इनकार करने को लेकर सीजेआई की आलोचना की थी।
चुनाव आयोग से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को राहुल गांधी और 12 अन्य विपक्षी नेताओं की याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया है।
याचिका में एक स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की गई है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सौंपने का प्रस्ताव है। समिति में तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य प्रतिष्ठित नागरिकों को भी शामिल करने की मांग की गई है।
याचिका के मुताबिक, समिति निर्धारित समय-सीमा के भीतर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान हटाए गए नामों और किए गए संशोधनों का स्वतंत्र ऑडिट करेगी।
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