सपा में शामिल हुए कई नेता, अखिलेश ने भाजपा पर साधा निशाना

राजधानी लखनऊ में शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) मुख्यालय में कई नेताओं ने पार्टी का दामन थामा। नए शामिल हुए नेताओं में देवेंद्र कुशवाहा, नदीम अशरफ, रणवीर सिंह गौतम अहिरवार और गाजीपुर से श्यामलाल बिंद शामिल रहे। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि पीडीए के सामाजिक आंदोलन और बाबा साहब के विचारों के लिए लगातार लोग सपा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन नए साथियों के शामिल होने से पार्टी की लड़ाई और मजबूत होगी।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर भी तंज कसते हुए कहा कि धनतेरस के दिन किसी के बारे में अधिक भला-बुरा नहीं कहना चाहिए। उन्होंने सवालों के जवाब में सरकार की बिजली नीति पर निशाना साधते हुए कहा, "दिवाली पर फुस्स फुलझड़ी से क्या उम्मीद की जा सकती है? जिसने बिजली बनाई नहीं, वह अब बिजली देगा कैसे?"
सपा प्रमुख ने कहा कि वर्तमान सरकार बिजली का निजीकरण भी सही तरीके से नहीं कर पा रही है। उन्होंने बिहार चुनाव को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके सीएम पार्टी की ओर से स्टार प्रचारक बने हैं, लेकिन वास्तव में स्टार विभाजक के रूप में काम कर रहे हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार आठ साल पुरानी होने का दावा करती है, जबकि वास्तविकता में इसके नौ वर्ष पूरे होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पहले सरकार बिजली बेचने की कोशिश कर रही थी, अब निजीकरण तक नहीं कर पा रही।
अखिलेश यादव ने अपने शासनकाल की उपलब्धियों को याद करते हुए कहा कि उस समय बजट चार लाख करोड़ रुपये था, लेकिन स्टेडियम, मेट्रो और एक्सप्रेसवे बनाए गए। अब बजट बढ़कर आठ लाख करोड़ रुपये हो गया है, लेकिन कामों का ठोस पता नहीं। उन्होंने कहा कि विभागों में लगातार चोरी हो रही है, यही वजह है कि विधायकों के घरों में भी चोरी की घटनाएं हो रही हैं।
सपा मुखिया ने कहा कि अगर उनकी सरकार बनी तो दिवाली पर कुम्हारों से एक करोड़ दीये खरीदे जाएंगे। उन्होंने शहर में बढ़ते जानवरों के हमलों की ओर भी ध्यान दिलाया और कहा कि भेड़िये और गुलदार की घटनाओं से लोग परेशान हैं। उन्होंने साफ कहा कि समाजवादी पार्टी बुल और बुलडोजर दोनों के खिलाफ है।
अखिलेश ने कानपुर के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के अखिलेश दुबे के घर बुलडोजर नहीं चलेगा। अगर कार्रवाई होती है, तो सरकार के कई अफसर जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं। नए कमिश्नर को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि दुबे के खिलाफ कोई भी मामला दर्ज नहीं किया जाएगा और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह ली जाएगी।
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