शुकतीर्थ मेले से पहले महिला घाट पर खोदा गया गड्ढा, तैयारियों पर उठे सवाल

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर के मोरना स्थित पौराणिक तीर्थ स्थल शुकतीर्थ (शुक्रताल) में आगामी ज्येष्ठ दशहरा गंगा स्नान मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
- मेले के शुभारंभ से ठीक पहले महिला गंगा घाट पर भारी मशीनों से गहरा गड्ढा खोद दिए जाने से व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।
- जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत द्वारा आयोजित इस प्रांतीय मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, लेकिन तैयारियों की स्थिति अभी भी बेहद कमजोर नजर आ रही है।
- घाटों पर जगह-जगह सिल्ट और मिट्टी जम…
मुजफ्फरनगर के मोरना स्थित पौराणिक तीर्थ स्थल शुकतीर्थ (शुक्रताल) में आगामी ज्येष्ठ दशहरा गंगा स्नान मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आई है। मेले के शुभारंभ से ठीक पहले महिला गंगा घाट पर भारी मशीनों से गहरा गड्ढा खोद दिए जाने से व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत द्वारा आयोजित इस प्रांतीय मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, लेकिन तैयारियों की स्थिति अभी भी बेहद कमजोर नजर आ रही है। घाटों पर जगह-जगह सिल्ट और मिट्टी जमा होने के बावजूद सफाई कार्य समय पर शुरू नहीं किया गया।
सबसे बड़ी समस्या महिला घाट पर देखने को मिली, जहां बिना किसी स्पष्ट योजना के बीच क्षेत्र में खुदाई कर दी गई। इस दौरान व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार पर नाराजगी जताई।
फटकार के बाद ठेकेदार द्वारा गड्ढे को टिन की चादरों से घेरकर ढकने की कोशिश की गई, लेकिन इससे घाट की उपयोगिता और भी सीमित हो गई है। अब महिला घाट का बड़ा हिस्सा संकुचित हो गया है, जिससे स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को कपड़े बदलने, पूजा-अर्चना करने और सुरक्षित स्नान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, टिन की अव्यवस्थित बैरिकेडिंग से मेले की भव्यता पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए यह कार्य मेले से पहले या बाद में किया जाना चाहिए था। उन्होंने मांग की है कि यदि गड्ढे को तुरंत भरा नहीं जा सकता, तो कम से कम घाट की व्यवस्था और सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए इसे बेहतर तरीके से सुरक्षित किया जाए।
गौरतलब है कि शुकतीर्थ मेले का शुभारंभ 23 मई की शाम गंगा आरती के साथ प्रस्तावित है, जबकि मुख्य शाही स्नान 25 मई को होना है। ऐसे में बेहद कम समय शेष रहने के बावजूद तैयारियों की धीमी रफ्तार ने प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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