दिल्ली की हवा में घुला पराली का धुआं, AQI 377 पहुंचा; CAQM ने पंजाब के 5 जिलों को भेजा नोटिस

HIGHLIGHTS
- दिल्ली का AQI बुधवार को 350 से बढ़कर 377 पर पहुंच गया।
- शुक्रवार तक राजधानी की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है।
- दिल्ली के प्रदूषण में बाहरी स्रोतों का योगदान 69 फीसदी दर्ज किया गया।
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए स्थानीय स्रोतों की हिस्सेदारी 31 फीसदी रही, जबकि बाहरी स्रोतों का योगदान 69 फीसदी दर्ज किया गया। इस दौरान सबसे अधिक चिंता पराली जलाने से निकलने वाले धुएं को लेकर बढ़ी है।
मंगलवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 8.2 फीसदी थी, जो बुधवार को बढ़कर 16.2 फीसदी हो गई। IITM के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार तक यह आंकड़ा 20 फीसदी तक पहुंच सकता है। ऐसे में पराली का प्रदूषण गाड़ियों से निकलने वाले धुएं के योगदान से भी अधिक हो सकता है।
CAQM ने पंजाब के 5 जिलों के अधिकारियों को भेजा नोटिस
पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पंजाब के पांच जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें बरनाला, बठिंडा, फाजिल्का, जालंधर और फरीदकोट के डीसी और एसएसपी शामिल हैं। इससे पहले मंगलवार को गुरदासपुर और कपूरथला के अधिकारियों को भी इस संबंध में नोटिस भेजा गया था।
वहीं, दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 1 नवंबर से नया प्लान लागू किया है। इसके तहत 1 नवंबर से 31 जनवरी तक निजी निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहेगा। GRAP-II के नियमों के तहत दिल्ली के बाहर से आने वाले BS-IV या उससे पुराने वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है। इन तमाम उपायों के बावजूद राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर स्थिति तक पहुंच गया है।
IIT दिल्ली से पंजाबी बाग तक AQI का हाल
बुधवार को दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर AQI का स्तर 400 के पार पहुंच गया। प्रमुख इलाकों के आंकड़े इस प्रकार रहे:
- IIT दिल्ली में AQI 455 दर्ज किया गया।
- जहांगीरपुरी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 449 रहा।
- पंजाबी बाग में AQI 446 दर्ज हुआ।
- मुंडका में यह आंकड़ा 439 रहा।
- विवेक विहार में AQI 436 दर्ज किया गया।
- रोहिणी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 432 रहा।
- नरेला और अलीपुर में AQI 429 दर्ज हुआ।
- सोनिया विहार में यह आंकड़ा 427 रहा।
- ITO में AQI 411 दर्ज किया गया।
पर्यावरण विशेषज्ञ अनुमिता रॉयचौधरी के मुताबिक, वाहन अब भी दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले सबसे बड़े स्थानीय स्रोत बने हुए हैं। हालांकि, बीते कुछ दिनों से पराली जलाने से निकलने वाले धुएं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। मौसम में नमी और हवा की धीमी रफ्तार के कारण प्रदूषित कण जमीन के आसपास ही जमा हो रहे हैं, जिससे वायु गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है।
दिल्ली में धुंध और कोहरे का असर
बुधवार को राजधानी का आसमान काफी धुंधला दिखाई दिया। गुरुवार सुबह भी दिल्ली में हल्की धुंध और कोहरे की स्थिति बनी रही। मौसम के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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