दिवाली पर राहुल गांधी का पीएम मोदी को संदेश, बोले- देश के सामने हो दूध का दूध और पानी का पानी

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा कर देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं।
- उन्होंने पीएम मोदी को खुली बहस की चुनौती दोहराते हुए कहा कि 24 घंटे बीत चुके हैं।
- राहुल गांधी ने बहस के लिए मोहन भागवत को जज बनाने का प्रस्ताव रखा।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा कर देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती एक बार फिर दोहराई। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी ओर से दी गई चुनौती को 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को फिर दी खुली बहस की चुनौती
राहुल गांधी ने X पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, 'मोदी जी, 24 घंटे बीत चुके हैं। मैंने आपको चुनौती दी थी। आप कहते हैं कि विपक्ष देशद्रोही है। आप कोई भी मंच और जगह चुन लीजिए और मुझसे बहस कीजिए।'
उन्होंने आगे सवाल उठाते हुए कहा कि देशद्रोही कौन है, विदेशी फोर्सेस से किसका संबंध है और यह संबंध किस तरह का है? राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से जल्द से जल्द बहस के लिए आगे आने को कहा और उन्हें डरने की जरूरत नहीं होने की बात कही।
कांग्रेस नेता की यह प्रतिक्रिया उस चुनौती के 24 घंटे बाद आई, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बनने के आरोपों को लेकर सार्वजनिक बहस करने की बात कही थी। राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री में इस चुनौती को स्वीकार करने की हिम्मत नहीं होगी।
मीडिया और युवाओं के सामने बहस का प्रस्ताव
राहुल गांधी ने बहस को निष्पक्ष बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का नाम भी सुझाया। उन्होंने कहा कि बहस के दौरान दोनों नेता मौजूद रहेंगे और वहां मीडिया के साथ देश के युवा भी होंगे।
उन्होंने कहा, 'हम दोनों वहां होंगे, मीडिया मौजूद रहेगा, देश के युवा होंगे और एक मेज होगी। आप एक तरफ बैठिए और मैं दूसरी तरफ। आप जिसे चाहें जज बना लें, चाहें तो मोहन भागवत जी को उस कुर्सी पर बिठा दें। फिर हम दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे।'
बहस के लिए राहुल गांधी ने बताए कई मुद्दे
राहुल गांधी ने उन विषयों का भी उल्लेख किया, जिन पर वह प्रधानमंत्री के साथ खुलकर चर्चा करना चाहते हैं। इनमें देश का वित्तीय ढांचा, अमेरिका के साथ हुआ समझौता, उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े मामले और जेफरी एपस्टीन का मामला शामिल हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने वित्तीय व्यवस्था और अमेरिकी समझौते को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यह समझौता कैसे और क्यों हुआ? इसे इतनी जल्दबाजी में क्यों किया गया? साथ ही उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री ने यह फैसला अकेले क्यों लिया और कैबिनेट को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी।
राहुल गांधी ने अडानी मामले का जिक्र करते हुए पूछा कि इस मामले को क्यों बंद किया गया। उन्होंने कहा कि इन सभी संवेदनशील मुद्दों पर देश के सामने खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने एक बार फिर प्रधानमंत्री से बहस के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा, 'आइए, डरिए मत। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाने दीजिए।'
राहुल गांधी ने मानहानि के मुकदमों का भी किया जिक्र
अपने खिलाफ दर्ज मानहानि के मामलों का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को विदेशी संबंधों और मदद से जुड़े उनके आरोपों पर भी कानूनी कार्रवाई करने की चुनौती दी।
राहुल गांधी ने कहा, 'अन्य मुद्दों पर तो आपने मुझ पर 45 मानहानि के मुकदमे ठोक दिए हैं। लेकिन जब मैं विदेशी संबंधों और मदद की बात कर रहा हूं, तो आप मानहानि का केस क्यों नहीं करते? आगे आइए, मुकदमा कीजिए हम अदालत में भी इस पर खुलकर चर्चा करेंगे।'
वीडियो के आखिर में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, 'आइए, इसे जल्द से जल्द करते हैं। डरो मत! हैप्पी दीवाली, मोदी जी।'
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