सोनू कश्यप हत्याकांड: परिजनों से मिलने जा रहे सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने रोका

मेरठ में पांच जनवरी को हुए सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार को जब नगीना से सांसद चंद्रशेखर किला मोहल्ला स्थित पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पास रोककर वापस लौटा दिया। इस घटनाक्रम के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है तथा राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
हत्या की घटना के बाद से ही इलाके में लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई जा रही है। इसी क्रम में सांसद चंद्रशेखर पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उनकी बात सुनना चाहते थे, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के चलते वह परिवार तक नहीं पहुंच सके।
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने दिया आश्वासन
जहां सांसद को रोका गया, वहीं राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप ने सोनू कश्यप के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान परिवार ने आरोप लगाया कि हत्या में सलावा गांव के कई युवक शामिल थे, लेकिन पुलिस ने केवल एक नाबालिग टेंपो चालक को हिरासत में लेकर मामले को निपटाने की कोशिश की।
परिजनों के मुताबिक, घटना से पहले सोनू ने अपनी मौसी के घर फोन कर बताया था कि सलावा गांव के कुछ युवक उसके साथ मारपीट कर रहे हैं और तत्काल वहां पहुंचने को कहा था। इस बात का उल्लेख तहरीर में भी किया गया है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने इस अहम जानकारी को गंभीरता से नहीं लिया।
पीड़ित परिवार ने दोषियों की गिरफ्तारी, उचित मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के ज्वालागढ़ गांव का है। पांच जनवरी को मुजफ्फरनगर के मोहल्ला किला निवासी 28 वर्षीय रोहित उर्फ सोनू कश्यप की हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि टेंपो में तेज आवाज में गाने बजाने का विरोध करने पर विवाद हुआ, जिसके बाद सोनू की बेरहमी से पिटाई की गई और शव को जलाने का प्रयास किया गया।
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