मुजफ्फरनगर में सैकड़ों साल पुराना ‘रानी का महल’ भरभराकर गिरा, प्रशासन की सतर्कता से टली जनहानि

HIGHLIGHTS
- तेज बारिश के बाद दीवार में बढ़ गई थीं खतरनाक दरारें।
- एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
- इलाका खाली कराने के कुछ देर बाद अचानक गिरी विशाल दीवार।
मुजफ्फरनगर के जानसठ तहसील क्षेत्र के मोहल्ला बुद्ध बाजार में सैकड़ों वर्ष पुराना ‘रानी का महल’ अचानक भरभराकर ढह गया। गनीमत रही कि पुलिस-प्रशासन और नगर पंचायत की सतर्कता से कोई जनहानि नहीं हुई। दीवार गिरने से पहले ही आसपास का इलाका खाली करा लिया गया था।
हाल में हुई तेज बारिश के कारण रानी के महल की पुरानी और जर्जर दीवारों में खतरनाक दरारें आ गई थीं। दीवारों की हालत लगातार बिगड़ने से आसपास रहने वाले लोगों पर खतरा मंडरा रहा था। सूचना मिलते ही प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
जानसठ एसडीएम रश्मि लांबा के नेतृत्व में पुलिस, प्रशासन और नगर पंचायत की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने महल की दीवार के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और पूरे इलाके को खाली करा दिया। लोगों को जर्जर दीवार के पास नहीं जाने की हिदायत भी दी गई।
देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह ढह गई दीवार
प्रशासनिक टीम की निगरानी और इलाके को खाली कराने की कार्रवाई के कुछ ही देर बाद महल की विशाल दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दीवार इतनी तेजी से गिरी कि देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो गई। दीवार गिरते ही मौके पर धूल का गुबार उठ गया और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि, समय रहते इलाका खाली करा लिए जाने के कारण कोई व्यक्ति मलबे की चपेट में नहीं आया। घटना में जनहानि की सूचना नहीं है।
समय रहते कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
सैकड़ों वर्ष पुराने भवन की इतनी विशाल दीवार का गिरना गंभीर हादसे का कारण बन सकता था। यदि प्रशासन ने समय रहते आसपास के मकानों और आबादी को खाली नहीं कराया होता तो बड़ी जनहानि की आशंका थी। पुलिस-प्रशासन की सक्रियता से संभावित हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की। उनका कहना है कि अधिकारियों ने खतरे को समय रहते भांप लिया और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया।
लोगों ने पुलिस-प्रशासन और नगर पंचायत का जताया आभार
हादसे के बाद मोहल्ला बुद्ध बाजार के लोगों ने स्थानीय पुलिस-प्रशासन और नगर पंचायत जानसठ के अधिकारियों का आभार जताया। लोगों ने कहा कि प्रशासन की तत्परता के कारण इतनी बड़ी दीवार गिरने के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई।
ऐतिहासिक भवनों की सुरक्षा पर उठे सवाल
‘रानी का महल’ स्थानीय स्तर पर ऐतिहासिक महत्व रखने वाला पुराना भवन बताया जाता है। बारिश के बाद इसकी दीवारों में दरारें आने और फिर विशाल दीवार के ढहने की घटना ने पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने ऐसे भवनों का समय-समय पर निरीक्षण कराने और खतरे वाले स्थानों पर पहले से सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। फिलहाल घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रख रही है।
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