मालदा घटना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पुलिस पर जताया अविश्वास

पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों के घेराव की घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव को फटकार लगाते हुए कहा कि इस मामले में स्थानीय पुलिस पर भरोसा करना मुश्किल है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस प्रकरण से जुड़े सभी दस्तावेज राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपे जाएं, ताकि आगे की जांच निष्पक्ष रूप से हो सके।
इसी बीच एक अलग दुखद घटना में प्रशासन की टीम ने नदी से दो बच्चों के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि तीसरे बच्चे की तलाश अभी भी जारी है। खोजबीन के लिए गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया है, जो लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है।
मृत बच्चों की पहचान परसा पंचायत के बोरज गांव निवासी सुदर्शन झा के बेटों के रूप में हुई है। इनमें आदित्य कुमार झा (15), हर्षनाथ कुमार झा (13) और कार्तिक कुमार झा (11) शामिल हैं। अब तक आदित्य और हर्षनाथ के शव मिल चुके हैं, जबकि सबसे छोटे कार्तिक का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रभारी अंचल अधिकारी मनीष चौधरी, बीडीओ आलोक कुमार सिंह और शिवाजीनगर थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने स्थिति का जायजा लिया। एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से नदी में लगातार खोज अभियान जारी है।
इस हादसे के बाद पूरे गांव में गहरा शोक छा गया है। एक ही परिवार के तीन बच्चों के साथ हुई इस घटना से परिजन और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं, वहीं परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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