सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला 2026: टिकट से लेकर स्टॉल्स तक सब कुछ जानें

फरीदाबाद। हर साल लगने वाला सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला देश-विदेश के पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहता है। यह मेला अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कैलेंडर में अपनी अलग पहचान बना चुका है, जहां न केवल देश के विभिन्न हिस्सों से लोग पहुंचते हैं, बल्कि बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी भी भारतीय कला और संस्कृति को करीब से देखने आते हैं। भारतीय हस्तशिल्प, हथकरघा और लोक परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन करने वाला यह मेला दुनिया के सबसे बड़े क्राफ्ट मेलों में शामिल माना जाता है।
अगर आपको कला, संस्कृति और परंपराओं को जानने में रुचि है, तो सूरजकुंड मेला आपके लिए बेहतरीन अनुभव साबित हो सकता है। इस आयोजन के दौरान दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर मिलता है। आइए जानते हैं कि 2026 में सूरजकुंड मेला कब तक चलेगा, यहां पहुंचने के क्या साधन हैं और एंट्री से जुड़ी जरूरी जानकारियां क्या हैं।
इस मेले का आयोजन सूरजकुंड मेला प्राधिकरण द्वारा हरियाणा पर्यटन विभाग के सहयोग से किया जाता है। मेले में देश और विदेश के लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देते हैं। हर शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जो दर्शकों को भारतीय लोक कला से जोड़ते हैं।
खानपान का अनोखा अनुभव
2026 में सूरजकुंड मेले का 39वां संस्करण आयोजित किया जा रहा है। खाने के शौकीनों के लिए यहां मल्टी-क्यूज़ीन फूड कोर्ट खास आकर्षण है। मेले में भारत के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्वाद भी चखने को मिलते हैं।
एक ही जगह भारत की संस्कृति
सूरजकुंड मेले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां देश के अलग-अलग राज्यों की परंपराएं एक ही मंच पर देखने को मिलती हैं। विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकार अपनी लोक नृत्य और संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत करते हैं।
हस्तनिर्मित कलाकृतियों की खरीदारी
मेले में लगे आर्ट और क्राफ्ट स्टॉल्स पर हाथ से बनी सजावटी वस्तुएं, घरेलू उपयोग की चीजें और पारंपरिक कलाकृतियां उपलब्ध हैं। अगर आप अपने घर के लिए कुछ खास और अनोखा खरीदना चाहते हैं, तो यहां शॉपिंग का अनुभव यादगार रहेगा।
सेलिब्रिटी और संगीत संध्या
सूरजकुंड मेला में इस बार भी नामी कलाकारों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र हैं। 3 फरवरी को प्रसिद्ध गायिका मन्नत नूर अपनी मधुर आवाज से समां बांधेंगी। इसी दिन बॉलीवुड सिंगर तरन्नुम मलिक भी लाइव परफॉर्मेंस देंगी, जिससे संगीत प्रेमियों के लिए शाम खास बन जाएगी।
लोक संगीत और नृत्य की झलक
मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुति देते हैं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से कहानियां और परंपराएं संगीत के जरिए दर्शकों तक पहुंचती हैं।
लाइव वर्कशॉप का अनुभव
सूरजकुंड मेला सिर्फ देखने और मनोरंजन तक सीमित नहीं है। यहां लाइव वर्कशॉप भी आयोजित की जाती हैं, जहां आगंतुक शिल्प और कला से जुड़ी तकनीकों को सीख सकते हैं। यह एक इंटरएक्टिव अनुभव प्रदान करता है।
मिस्र के पिरामिड की झलक
मेले में इस बार मिस्र के पिरामिड की संरचना को दर्शाता एक विशेष सेटअप बनाया गया है, जो आगंतुकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और सेल्फी लेने के लिए पसंदीदा स्थान बन चुका है।
तारीखें, समय और पहुंच की जानकारी
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला 31 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। मेला प्रतिदिन सुबह करीब 10 बजे खुलता है और शाम 8:30 बजे तक पर्यटकों के लिए खुला रहता है। टिकट ऑनलाइन सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट मेला की आधिकारिक वेबसाइट से बुक किए जा सकते हैं।
मेले में प्रवेश के लिए शेखावटी गेट, झारखंड/केरल गेट और धनेश्वरी/टीआरसी गेट बनाए गए हैं। मेट्रो से आने वाले पर्यटकों के लिए बदरपुर बॉर्डर और एनएचपीसी चौक सबसे नजदीकी स्टेशन हैं, जहां से ऑटो, टैक्सी और कैब आसानी से उपलब्ध हैं।
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