दिल्ली में कांग्रेस की रैली पर सस्पेंस, व्यापारियों ने खरगे से फिर की अपील

HIGHLIGHTS
- व्यापारियों ने दिवाली के बाद रैली कराने की मांग की।
- रैली से बाजारों में कारोबार प्रभावित होने की आशंका।
- CTI ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दिल्ली के व्यापारियों के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के हर व्यापारी से वह प्यार करते हैं और उनकी बात सुन रहे हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील कीं और राजधानी में ताला भी सरकार ने लगाया।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में आगे कहा कि जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं रहता। न दुकान, न बचत और न ही बच्चों का भविष्य। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि आरोपी नंबर 4 ज्ञानेश कुमार को हटा दें, तो 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।
कांग्रेस की रैली दिवाली के बाद कराने की मांग
दिल्ली के व्यापारियों ने रामलीला मैदान में एक नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की रैली को स्थगित करने की मांग फिर उठाई है। व्यापारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने रैली के फैसले पर दोबारा विचार करने की बात कही थी। व्यापारियों का कहना है कि कारोबार के हितों को देखते हुए रैली दिवाली के बाद आयोजित की जानी चाहिए।
व्यापारियों को आशंका है कि दिवाली से ठीक पहले रैली होने से उनके कारोबार को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस मुद्दे पर मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के अन्य सहयोगियों से चर्चा करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, राहुल गांधी के हालिया बयान से संकेत मिल रहे हैं कि विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक की रैली रद्द नहीं होगी।
खरगे के बयान से व्यापारियों को मिली उम्मीद
व्यापारियों और उद्यमियों के प्रमुख संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के बयान से दिल्ली के व्यापारियों को उम्मीद जगी है। संगठन ने कहा, "मल्लिकार्जुन खरगे के इस बयान से दिल्ली के व्यापारियों में आशा की किरण जगी है। हम उनके इस संवेदनशील रवैये का दिल से स्वागत करते हैं।"
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि संगठन ने खरगे को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वह अपनी अगली बैठक में दिवाली के व्यस्त कारोबारी सीजन को ध्यान में रखते हुए रैली को त्योहार के बाद आयोजित करने का अंतिम निर्णय लें। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लाखों व्यापारियों की आजीविका को ध्यान में रखना जरूरी है।
व्यापारियों के अनुसार, इस साल धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को है। इस अवसर पर दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इसके बाद 8 नवंबर को दिवाली और 10-11 नवंबर को भैया दूज तक बाजारों में खरीदारी का व्यस्त दौर रहता है।
दिल्ली के किन बाजारों पर पड़ सकता है असर?
व्यापारियों का कहना है कि रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में दिल्ली के करीब 20 प्रमुख थोक और खुदरा बाजार स्थित हैं। इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, कश्मीरी गेट, चावड़ी बाजार, दरियागंज, कमला मार्केट, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, नया बाजार, आजाद मार्केट, दरीबा ज्वैलरी मार्केट, किनारी बाजार, नबी करीम, करोल बाग, झंडेवालान और जामा मस्जिद जैसे बाजार शामिल हैं।
इन बाजारों में करीब तीन लाख व्यापारी कारोबार करते हैं। व्यापारियों के परिवारों और दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी शामिल किया जाए, तो लगभग 15 लाख लोगों की आजीविका इन बाजारों से जुड़ी हुई है।
सीटीआई ने कहा कि यदि रैली में 10 लाख लोग शामिल होते हैं, तो इसका असर केवल रामलीला मैदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिल्ली के अन्य बाजार भी प्रभावित हो सकते हैं। संगठन को आशंका है कि इससे बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बन सकता है, जैसा 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान देखने को मिला था।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का भी दिया हवाला
सीटीआई ने कहा कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए धरने और प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में लॉकडाउन जैसे हालात बन गए थे। संगठन के मुताबिक, अक्टूबर में पहले ही करीब 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
व्यापारियों का कहना है कि वे दिवाली के सबसे व्यस्त कारोबारी समय में एक बार फिर ऐसी स्थिति नहीं चाहते। इसी वजह से सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने मल्लिकार्जुन खरगे से अपील की है कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस की प्रस्तावित रैली दिवाली के बाद आयोजित की जाए।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.