धीरे-धीरे विनाश की ओर बढ़ रही तमिलनाडु कांग्रेस: सांसद ज्योतिमणि

चेन्नई। कांग्रेस की लोकसभा सांसद एस. ज्योतिमणि ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि तमिलनाडु में कुछ नेताओं के निजी स्वार्थ की वजह से पार्टी धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि अंदरूनी कलह और आपसी विवाद जनता के लिए चिंता का कारण बन रहे हैं।
ज्योतिमणि ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि तमिलनाडु कांग्रेस समिति (टीएनसीसी) उस दिशा में बढ़ रही है जो पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की निस्वार्थ, सिद्धांतवादी और बेखौफ राजनीति के विपरीत है। उन्होंने पार्टी के कुछ नेताओं पर जनता की भलाई और आदर्शों से ध्यान हटाने का आरोप लगाया, लेकिन किसी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल 2026 में होने हैं, लेकिन पार्टी के सांसद मतदान केंद्र एजेंटों की सूची जमा करने में बाधा डाल रहे हैं, जो किसी भी राजनीतिक दल के लिए असामान्य है। ज्योतिमणि ने यह भी कहा कि तमिलनाडु कांग्रेस अक्सर खबरों में रहती है, लेकिन लोगों की समस्याओं के बजाय आंतरिक विवादों और गलत कारणों की वजह से।
सांसद ने चेताया कि राज्य अब पहले से अधिक सांप्रदायिक और विभाजनकारी ताकतों के खतरे का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, आत्म-सम्मान और जन-केंद्रित विकास जैसे आदर्श दबाए जा रहे हैं, जो पहले के नेताओं जैसे के कामराज और पेरियार ईवी रामासामी ने स्थापित किए थे।
ज्योतिमणि ने पार्टी पर सवाल उठाया कि क्या वह तमिलनाडु की जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को सही तरीके से समझ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उन लोगों को नहीं छोड़ना चाहिए जो सामाजिक न्याय और राज्य के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ज्योतिमणि के पोस्ट के बाद टीवीके (थामिलवीकास काचेरी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता फेलिक्स गेराल्ड ने समर्थन जताया और कहा कि ज्योतिमणि ने सही मायने में कांग्रेस में चल रही घटनाओं को उजागर किया। उन्होंने यह भी कहा कि 2026 के चुनाव में अधिकांश कांग्रेसी टीवीके के साथ गठबंधन को समर्थन देना चाहते हैं और यह गठबंधन तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में चुनाव जीतने में मदद कर सकता है।
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